एनक्यूएएस में आयुष्मान आरोग्य मंदिर चनाडोंगरी को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन
www.healthbhaskar.com/ रायपुर 04/08/2026. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के प्रयासों को एक और बड़ी सफलता मिली है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के विकासखंड गौरेला स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर चनाडोंगरी ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के तहत 88.57 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल किया है। यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राष्ट्रीय स्तर की मूल्यांकन टीम ने स्वास्थ्य संस्थान का विस्तृत निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की संतुष्टि, स्वच्छता, रिकॉर्ड संधारण, दवाओं की उपलब्धता, मानव संसाधन प्रबंधन, अधोसंरचना, जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट प्रबंधन तथा सामुदायिक सहभागिता सहित विभिन्न मानकों पर मूल्यांकन किया। सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर संस्थान को यह राष्ट्रीय प्रमाणन प्रदान किया गया।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर चनाडोंगरी में ग्रामीणों को प्रतिदिन ओपीडी सेवाएं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन, गैर-संचारी रोगों की जांच, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, टेलीमेडिसिन, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, निःशुल्क दवा वितरण और आवश्यक जांच जैसी व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे आसपास के ग्रामीणों को इलाज के लिए दूरस्थ अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में अब तक 14 स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के तहत प्रमाणित किया जा चुका है। शेष स्वास्थ्य संस्थानों को भी राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन दिलाने के लिए आवश्यक सुधार और तैयारियां जारी हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने, प्राथमिक स्वास्थ्य संस्थानों को सशक्त बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। चनाडोंगरी को मिला यह राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन न केवल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है और प्रदेश की जनोन्मुखी एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्था का सशक्त उदाहरण भी है।
