पुरुषों में भी हो सकती है खून की कमी, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
हेल्थ डेस्क। एनीमिया यानी खून की कमी को अक्सर महिलाओं और पीरियड्स से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन पुरुष भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। पुरुषों में एनीमिया होने के पीछे केवल आयरन की कमी जिम्मेदार नहीं होती। शरीर में लंबे समय तक होने वाली ब्लीडिंग, आयरन का सही तरीके से अवशोषण न होना, विटामिन बी12 की कमी, किडनी की बीमारी और लंबे समय तक रहने वाली सूजन जैसी स्थितियां भी इसकी वजह बन सकती हैं।
शुरुआत में सामान्य लग सकते हैं लक्षण
एनीमिया धीरे-धीरे विकसित होने पर इसके संकेत काफी सामान्य नजर आ सकते हैं। लगातार थकान और कमजोरी को कई लोग काम के दबाव या नींद की कमी से जोड़कर देखते हैं। पुरुषों में इसके संभावित लक्षणों में जल्दी थकना, चक्कर आना, सिरदर्द, त्वचा का पीला या फीका पड़ना, हाथ-पैर ठंडे रहना, थोड़ी मेहनत में सांस फूलना, ध्यान लगाने में परेशानी और दिल की धड़कन तेज महसूस होना शामिल हैं।
एनीमिया में शरीर के ऊतकों तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसी कारण ऊर्जा और शारीरिक क्षमता पर भी असर पड़ सकता है।
पुरुषों में क्यों होती है आयरन की कमी?
आहार में आयरन की कमी: खाने में पर्याप्त आयरन न मिलने पर समय के साथ शरीर में इसका स्टोर कम हो सकता है।
आयरन का अवशोषण प्रभावित होना: सीलिएक रोग, क्रोहन रोग और कुछ अन्य पाचन संबंधी समस्याएं शरीर में आयरन के अवशोषण को प्रभावित कर सकती हैं।
शरीर से लगातार खून निकलना: पुरुषों में आयरन की कमी का एक महत्वपूर्ण कारण लंबे समय तक होने वाली ब्लीडिंग हो सकती है। खासकर पाचन तंत्र से होने वाला रक्तस्राव कई बार दिखाई नहीं देता।
बार-बार रक्तदान: बहुत अधिक या लगातार ब्लड डोनेशन करने से कुछ लोगों में शरीर के आयरन स्टोर कम हो सकते हैं।
इसके अलावा विटामिन बी12 की कमी, किडनी संबंधी बीमारी और कुछ पुरानी स्वास्थ्य स्थितियां भी एनीमिया से जुड़ी हो सकती हैं।
भारत में भी चिंता का विषय
उपलब्ध शोध के अनुसार भारत में पुरुषों में एनीमिया की समस्या भी महत्वपूर्ण है। कुछ अध्ययनों में वयस्क पुरुषों के साथ किशोर लड़कों में भी एनीमिया के मामले सामने आए हैं। इसलिए इसे केवल महिलाओं से जुड़ी समस्या मानना सही नहीं है।
कब करानी चाहिए जांच?
अगर किसी पुरुष को बिना स्पष्ट कारण लंबे समय से थकान, कमजोरी, चक्कर या सांस फूलने जैसी परेशानी हो रही है, तो इसे केवल उम्र, तनाव या कम नींद का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टर की सलाह पर सीबीसी (CBC), हीमोग्लोबिन और जरूरत के अनुसार आयरन, विटामिन बी12 या अन्य जांच कराई जा सकती है। खासतौर पर पुरुषों में आयरन की कमी मिलने पर उसके मूल कारण का पता लगाना जरूरी हो सकता है।
