जन्म के पहले घंटे में स्तनपान जरूरी, छह माह तक केवल मां का दूध
www.healthbhaskar.com/ रायपुर 8 अगस्त 2026 विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग तथा शिशु रोग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता एवं परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, नवप्रसूता माताओं और उनके परिजनों को स्तनपान के महत्व, नवजात शिशु के पोषण और मातृ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने माताओं से संवाद कर स्तनपान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर आवश्यक जानकारी दी। चिकित्सकों ने बताया कि शिशु के जन्म के पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू कराना उसके स्वस्थ जीवन की महत्वपूर्ण शुरुआत है।
शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओंकार खंडवाल ने बताया कि जन्म के तुरंत बाद निकलने वाला गाढ़ा पीला दूध, जिसे कोलोस्ट्रम कहा जाता है, नवजात के लिए प्राकृतिक पहला टीका माना जाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व और प्रतिरक्षात्मक घटक शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में मदद करते हैं। उन्होंने माताओं से अपील की कि जन्म से छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध दिया जाए और इस दौरान पानी या अन्य आहार देने से बचें।
प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति जायसवाल ने माताओं को स्तनपान कराने की सही विधि, उचित मुद्रा, स्तनों की देखभाल और संतुलित एवं पौष्टिक आहार के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मां का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना शिशु के बेहतर विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने गर्भावस्था के साथ-साथ स्तनपान की अवधि में भी चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आयरन एवं कैल्शियम का सेवन करने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और किसी भी समस्या की स्थिति में चिकित्सक से परामर्श लेने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान गर्भवती एवं नवप्रसूता माताओं ने स्तनपान, नवजात शिशु की देखभाल और मातृ स्वास्थ्य से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सरल एवं वैज्ञानिक तरीके से समाधान किया।
इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ सहित बड़ी संख्या में गर्भवती और नवप्रसूता माताएं उपस्थित रहीं।
