मुंगेली में बाढ़ के बीच स्वास्थ्य सेवाएं अलर्ट, 150 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया
www.healthbhaskar.com/मुंगेली ,12 अगस्त 2026. जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राहत एवं स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखा है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं। लोरमी विकासखंड के ग्राम बिजराकछार में बाढ़ प्रभावित करीब 150 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर स्कूल और पंचायत भवन में ठहराया गया है। राहत शिविर में स्वास्थ्य टीम नियमित जांच, उपचार और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध करा रही है।
घर-घर सर्वे कर रही स्वास्थ्य टीमें
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा और जिला कार्यक्रम प्रबंधक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. गिरीश कुर्रे के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य अमला प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है। खंड चिकित्सा अधिकारी लोरमी डॉ. जी.एस. दाऊ, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक शैलेन्द्र पाण्डेय, आरएचओ शिवपाल धनकर सहित स्वास्थ्यकर्मी राहत शिविर में पहुंचकर लोगों की जांच कर रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को केवल राहत शिविरों तक सीमित नहीं रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर सर्वे कर प्रभावित परिवारों की स्थिति की जानकारी जुटा रही हैं। बीमारी के लक्षण मिलने पर तत्काल उपचार और चिकित्सकीय सलाह दी जा रही है। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुड़िया भेजकर आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय पर उपचार मिल सके।
सर्पदंश से बचाव के लिए दवाओं का पर्याप्त स्टॉक
बाढ़ के दौरान सर्पदंश और अन्य आकस्मिक घटनाओं की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जरूरी जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त इंतजाम किया है। प्रभावित क्षेत्रों में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है। स्वास्थ्यकर्मी ग्रामीणों को सर्पदंश से बचाव, स्वच्छता और बाढ़ के बाद होने वाले संक्रमणों से बचने के उपायों की जानकारी भी दे रहे हैं।
राहत और स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार मॉनिटरिंग
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। राहत शिविरों में नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ प्रभावित गांवों में सतत सर्वे और निगरानी जारी है। आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य दल, दवाइयां और अन्य चिकित्सा सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
बाढ़ की चुनौती के बीच जिला प्रशासन की सक्रियता और स्वास्थ्य विभाग की सतत निगरानी से प्रभावित लोगों को सुरक्षित आश्रय के साथ समय पर चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं। प्रशासन का फोकस बाढ़ प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति तक राहत और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर है।
