रायपुर के SMC हार्ट इंस्टीट्यूट में तीन मरीजों में सफल लीडलेस पेसमेकर प्रत्यारोपण
www.healthbhaskar.com/रायपुर,12 अगस्त 2026. हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए SMC HEART INSTITUTE RAIPUR में तीन मरीजों में अत्याधुनिक लीडलेस पेसमेकर (Leadless Pacemaker) का सफल प्रत्यारोपण किया गया।
इस तकनीक के जरिए बिना छाती पर चीरा लगाए और पारंपरिक पेसमेकर की तरह लीड (तार) का इस्तेमाल किए मरीजों का उपचार किया गया। तीनों मरीजों की वर्तमान स्थिति संतोषजनक है और उन्हें प्रक्रिया के अगले दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
पारंपरिक पेसमेकर से कैसे अलग है लीडलेस तकनीक
लीडलेस पेसमेकर एक छोटा उपकरण होता है, जिसे सीधे हृदय के भीतर प्रत्यारोपित किया जाता है। इसमें छाती के पास पेसमेकर की जेब बनाने और तार डालने की आवश्यकता नहीं होती। इसके चलते संक्रमण, रक्तस्राव तथा फेफड़े में हवा भरने जैसी कुछ जटिलताओं का जोखिम कम हो जाता है। मरीज को अपेक्षाकृत कम दर्द होता है और वह जल्दी सामान्य गतिविधियों में लौट सकता है।
संक्रमण वाले मरीज में भी सफल उपचार
अस्पताल के विशेषज्ञों के अनुसार, तीनों मामलों में अलग-अलग चिकित्सकीय परिस्थितियां थीं। इनमें एक मरीज को पहले पारंपरिक तार वाला पेसमेकर लगाया गया था, जिसके बाद संक्रमण हो गया था और दवाइयों से अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा था। ऐसे मरीज में सफलतापूर्वक लीडलेस पेसमेकर प्रत्यारोपित किया गया।
वहीं, दो मरीजों में AV (दो-कक्षीय) पेसमेकर लगाया गया, जो हृदय की प्राकृतिक धड़कन के पैटर्न को बनाए रखने में मदद करता है। एक अन्य मरीज में Single Chamber पेसमेकर सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया।
विशेषज्ञ टीम ने पूरी की जटिल प्रक्रिया
अस्पताल की विशेषज्ञ हृदय रोग चिकित्सकों की टीम ने अत्यंत सावधानी और कुशलता के साथ तीनों प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस उपलब्धि में डॉ. सतीश सूर्यवंशी, डॉ. एस. एस. मोहंती, डॉ. वेद प्रकाश वर्मा सहित कैथ लैब स्टाफ दानेश, देव और पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
महानगरों जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने का लक्ष्य
अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि SMC HEART INSTITUTE RAIPUR का उद्देश्य प्रदेश के मरीजों को महानगरों जैसी अत्याधुनिक हृदय चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। संस्थान नई चिकित्सा तकनीकों को अपनाते हुए सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
तीन मरीजों में लीडलेस पेसमेकर का सफल प्रत्यारोपण छत्तीसगढ़ में आधुनिक कार्डियक उपचार के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
