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जशपुर जिला अस्पताल में गंभीर आंत्र छिद्र से जूझ रहे 55 वर्षीय मरीज की सफल सर्जरी

www.healthbhaskar.com/जशपुर,12 अगस्त 2026. जिला चिकित्सालय जशपुर के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने गंभीर आंत्र छिद्र (Intestinal Perforation), पेरिटोनाइटिस और सेप्टिक शॉक से जूझ रहे 55 वर्षीय मरीज की जटिल आपातकालीन सर्जरी सफलतापूर्वक की।

अत्यंत गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे मरीज का जिला स्तर पर ही विशेषज्ञ चिकित्सा, आपातकालीन शल्यक्रिया और गहन चिकित्सा के जरिए उपचार किया गया। स्वास्थ्य में पर्याप्त सुधार के बाद मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

तेज पेट दर्द और उल्टी के साथ पहुंचा था अस्पताल

मरीज को 25 जुलाई की रात करीब 9 बजे मल और गैस का निष्कासन नहीं होने, तेज पेट दर्द, पेट फूलने और उल्टी की शिकायत के बाद जिला चिकित्सालय के आकस्मिक चिकित्सा विभाग में लाया गया था।

जांच में आंत में छिद्र होने के कारण पेट के अंदर गंभीर संक्रमण की पुष्टि हुई। संक्रमण के चलते मरीज का रक्तचाप काफी कम हो गया था और किडनी सहित अन्य महत्वपूर्ण अंगों के प्रभावित होने का खतरा बना हुआ था।

नाजुक हालत में तत्काल लिया सर्जरी का फैसला

मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल विशेषज्ञ परामर्श के बाद आपातकालीन सर्जरी का निर्णय लिया। परिजनों को बीमारी की गंभीरता, ऑपरेशन, बेहोशी तथा उपचार के दौरान संभावित जोखिमों और जटिलताओं की जानकारी दी गई।

सहमति मिलने के बाद जिला अस्पताल में ही तत्काल ऑपरेशन किया गया।

सर्जरी के दौरान मरीज का रक्तचाप कई बार काफी नीचे चला गया। एनेस्थीसिया और सर्जरी टीम ने आवश्यक दवाओं एवं विशेषज्ञ प्रबंधन के जरिए रक्तचाप को नियंत्रित रखा और लगातार मरीज की स्थिति पर निगरानी करते हुए जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया।

आईसीयू में लगातार निगरानी से हालत में सुधार

ऑपरेशन के बाद मरीज को आईसीयू में भर्ती कर लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। गंभीर संक्रमण और लंबे समय तक निम्न रक्तचाप के कारण कुछ समय तक रक्तचाप बनाए रखने वाली दवाओं की जरूरत पड़ी। चिकित्सकों, एनेस्थीसिया टीम, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की सतत देखभाल से मरीज की हालत धीरे-धीरे सुधरने लगी।

बाद में रक्तचाप सामान्य होने पर दवाओं को क्रमशः बंद कर दिया गया। संक्रमण और उपचार से जुड़ी अन्य जटिलताओं का भी सफलतापूर्वक प्रबंधन किया गया। वर्तमान में मरीज की स्थिति संतोषजनक है और उसे रक्तचाप बढ़ाने वाली किसी दवा की आवश्यकता नहीं है।

विशेषज्ञ टीम के समन्वय से मिली सफलता

इस चुनौतीपूर्ण उपचार में डॉ. गौरव हरदहा और डॉ. भूपेश भगत (सर्जरी), डॉ. आकाश कुजूर (एनेस्थीसिया), डॉ. एस.एल. सिद्धार्थ और डॉ. दीपांशु भोय (मेडिसिन) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सर्जरी, एनेस्थीसिया और मेडिसिन विशेषज्ञों ने आपसी समन्वय से मरीज की गंभीर स्थिति का प्रबंधन किया।

यह सफलता दर्शाती है कि समय पर बीमारी की पहचान, त्वरित चिकित्सकीय निर्णय, विशेषज्ञ सर्जरी एवं एनेस्थीसिया सेवाओं, आईसीयू में सतत निगरानी और स्वास्थ्यकर्मियों के समन्वित प्रयासों से गंभीर मरीजों का उपचार जिला स्तर पर भी प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।

जिला चिकित्सालय जशपुर की यह उपलब्धि स्थानीय स्तर पर गंभीर मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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