विश्व स्तनपान सप्ताह: छत्तीसगढ़ में पहले ‘मातृ दूध कोष’ की घोषणा, 10 माताओं का ‘माता यशोदा सम्मान’
www.healthbhaskar.com/ रायपुर /07/08/2026. विश्व स्तनपान सप्ताह (1–7 अगस्त) के अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और राज्य स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (SHSRC) के संयुक्त तत्वावधान में रायपुर के अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छत्तीसगढ़ के पहले “मातृ दूध कोष (Human Milk Bank)” की घोषणा और मातृ दुग्ध दान करने वाली 10 महिलाओं को “माता यशोदा सम्मान” से सम्मानित किया जाना रहा।
कार्यक्रम का उद्देश्य स्तनपान के महत्व के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, नवजात शिशुओं के बेहतर पोषण एवं स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करना तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाना था।
10 माताओं को मिला ‘माता यशोदा सम्मान’
राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित 10 माताओं को उनके मातृ दुग्ध दान के लिए सम्मानित किया गया। इन माताओं ने ऐसे नवजात शिशुओं के लिए जीवनदायी सहयोग दिया, जिन्हें किसी कारणवश अपनी मां का दूध उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। कार्यक्रम के माध्यम से मातृ दुग्ध दान को सामाजिक अभियान बनाने का संदेश भी दिया गया।
मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की ऐतिहासिक पहल की घोषणा
मुख्य अतिथि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मां का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम, सुरक्षित और संपूर्ण आहार है। उन्होंने प्रदेश के पहले मातृ दूध कोष (Human Milk Bank) की स्थापना को नवजात शिशुओं के लिए ऐतिहासिक और जीवनदायी पहल बताते हुए कहा कि इससे जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित मातृ दुग्ध उपलब्ध कराया जा सकेगा।
उन्होंने मितानिन कार्यक्रम के 25 वर्षों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की 72 हजार मितानिन बहनें दूरस्थ क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की निस्वार्थ सेवा कर रही हैं। उन्होंने इन्हें आधुनिक समय की ‘शबरी’ की संज्ञा देते हुए स्तनपान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
पहले घंटे में स्तनपान पर जोर
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया ने कहा कि जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करना, पहले छह माह तक केवल मां का दूध पिलाना और माताओं को संतुलित पोषण उपलब्ध कराना स्वस्थ एवं कुपोषण-मुक्त समाज की मजबूत नींव है। उन्होंने स्तनपान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और प्रत्येक मां को उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।
इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त सह संचालक एवं मिशन संचालक (एनएचएम) संजीव झा, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार पात्रा, पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, मितानिन और बड़ी संख्या में माताएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत ह्यूमन मिल्क बैंक स्टॉल के अवलोकन, दीप प्रज्ज्वलन और वंदे मातरम् के साथ हुई। इस अवसर पर स्तनपान और मातृ दुग्ध दान के महत्व को लेकर जागरूकता का संदेश भी दिया गया।
