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मॉनसून में बढ़ जाता है आंखों के संक्रमण का खतरा, जानिए कौन-सी बीमारियां हैं सबसे आम और कैसे करें बचाव

बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन इसके साथ आंखों से जुड़ी कई समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मॉनसून में बढ़ी हुई नमी, बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के तेजी से पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करती है। यही वजह है कि इस मौसम में कंजंक्टिवाइटिस, स्टाई, केरेटाइटिस और फंगल आई इंफेक्शन जैसे मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है।

दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले वर्ष मॉनसून के दौरान आंखों के संक्रमण के मामलों में 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, NCBI की स्टडी के अनुसार तापमान में बदलाव, गंदे हाथों से आंखों को छूना और दूषित पानी के संपर्क में आना संक्रमण के प्रमुख कारण हैं।

मॉनसून में आंखों की ये 7 समस्याएं सबसे ज्यादा होती हैं

1. कंजंक्टिवाइटिस (Pink Eye):
वायरस या बैक्टीरिया के संक्रमण से होने वाली इस बीमारी में आंखें लाल हो जाती हैं, पानी आता है, खुजली होती है और कई बार पीले रंग का स्राव भी निकलता है। यह संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकता है।

2. स्टाई (Stye):
पलक पर लाल दाने या गांठ बनने की समस्या बैक्टीरियल संक्रमण के कारण होती है। इससे आंखों में दर्द और सूजन हो सकती है।

3. केरेटाइटिस (Keratitis):
कॉर्निया में होने वाला यह संक्रमण बैक्टीरिया, वायरस या फंगस की वजह से होता है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर आंखों की रोशनी प्रभावित हो सकती है।

4. फंगल आई इंफेक्शन:
अधिक नमी और गंदगी के कारण होने वाला यह संक्रमण कॉर्निया और आंख की अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। कॉन्टैक्ट लेंस का गलत इस्तेमाल भी इसका कारण बन सकता है।

5. ड्राई आई सिंड्रोम:
मॉनसून में लंबे समय तक एसी में रहने से आंखों की नमी कम हो सकती है, जिससे जलन, चुभन और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

6. कॉर्नियल अल्सर:
यदि आंखों के संक्रमण का समय पर इलाज नहीं कराया जाए तो कॉर्निया पर घाव बनने का खतरा रहता है, जिससे तेज दर्द, लालिमा और लगातार पानी आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

7. ब्लेफेराइटिस:
यह पलकों में होने वाली सूजन की समस्या है, जिसमें पलकों पर पपड़ी, खुजली और जलन महसूस हो सकती है। बैक्टीरिया और त्वचा संबंधी समस्याएं इसके प्रमुख कारण हैं।

इन सावधानियों से करें बचाव

विशेषज्ञों के अनुसार मॉनसून में आंखों को संक्रमण से बचाने के लिए कुछ आसान सावधानियां अपनानी चाहिए—

  • गंदे हाथों से आंखों को छूने से बचें।
  • आंखों के लिए अलग और साफ तौलिये का इस्तेमाल करें।
  • कॉन्टैक्ट लेंस की नियमित सफाई करें और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
  • बारिश के गंदे पानी के संपर्क से बचें।
  • आंखों में लालिमा, दर्द, धुंधलापन या लगातार पानी आने की स्थिति में तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर पहचान और उचित उपचार से मॉनसून में होने वाले अधिकांश आंखों के संक्रमण से आसानी से बचा जा सकता है।

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