जूनियर डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
www.healthbhaskar.com बिलासपुर जून 2026 . जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जेडीए), सीआईएमएस बिलासपुर ने इंटर्न चिकित्सकों, पीजी रेजिडेंट्स और अन्य जूनियर डॉक्टरों की विभिन्न मांगों को लेकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन सीआईएमएस के अधिष्ठाता के माध्यम से प्रेषित किया गया।
ज्ञापन में इंटर्न और पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बढ़ाने, संविदा चिकित्सकों के मानदेय में संशोधन, हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) सहित अन्य भत्तों की व्यवस्था तथा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित स्वचालित स्टाइपेंड पुनरीक्षण प्रणाली लागू करने की मांग की गई है।
इसके अलावा पीजी बॉन्ड राशि और सेवा अवधि में कमी, एनओसी एवं पदस्थापना आदेशों का समयबद्ध जारी होना, सुपर स्पेशियलिटी कैडर का गठन, आयुष्मान योजना के इंसेंटिव में पीजी रेजिडेंट्स को शामिल करने तथा छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल में अनिवार्य पंजीयन एवं सत्यापन व्यवस्था को पुनः लागू करने की मांग भी उठाई गई है।
जेडीए छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव डॉ. योगेश्वर प्रसाद जायसवाल ने कहा कि प्रदेश के इंटर्न और रेजिडेंट डॉक्टर सीमित मानदेय और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में लगातार स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्टाइपेंड और सेवा शर्तें देश के कई राज्यों की तुलना में कम हैं। ऐसे में उनकी न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाना आवश्यक है, जिससे युवा चिकित्सकों का मनोबल बढ़ेगा और स्वास्थ्य सेवाएं भी अधिक मजबूत होंगी।
वहीं, जेडीए सीआईएमएस बिलासपुर के अध्यक्ष डॉ. नगेंद्र कुमार साहू ने कहा कि संगठन हमेशा चिकित्सकों के सम्मान, अधिकारों और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए प्रयासरत रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार युवा चिकित्सकों की समस्याओं और मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।
जेडीए ने कहा कि यह ज्ञापन प्रदेश के इंटर्न डॉक्टरों, पीजी रेजिडेंट्स, बॉन्डेड चिकित्सकों और अन्य युवा डॉक्टरों की सामूहिक भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। संगठन ने स्पष्ट किया कि वह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से चिकित्सकों के हितों की आवाज आगे भी उठाता रहेगा।
