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छत्तीसगढ़ में 1.49 लाख किशोरियों को लगा एचपीवी टीका

www.healthbhaskar.com/ रायपुर 04/08/2026. छत्तीसगढ़ में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान को बड़ी सफलता मिली है। केंद्र सरकार के एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम के तहत प्रदेश की 1.49 लाख से अधिक किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह टीका भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करने में प्रभावी माना जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर सबसे आम कैंसरों में शामिल है। समय पर एचपीवी टीकाकरण और जागरूकता के माध्यम से इस बीमारी के अधिकांश मामलों को रोका जा सकता है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग प्रदेशभर में पात्र किशोरियों तक टीकाकरण पहुंचाने के साथ व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चला रहा है।

अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में पहुंचकर किशोरियों एवं उनके अभिभावकों को एचपीवी संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर के जोखिम और टीकाकरण के लाभों की जानकारी दे रही हैं। विभाग का लक्ष्य है कि पात्र आयु वर्ग की प्रत्येक किशोरी तक यह सुरक्षा कवच पहुंचे और जानकारी के अभाव में कोई भी बेटी इस महत्वपूर्ण टीके से वंचित न रहे।

विशेषज्ञों का कहना है कि एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है। किशोरावस्था में लगाया गया एचपीवी टीका संक्रमण के खतरे को कम करने के साथ भविष्य में सर्वाइकल कैंसर होने की संभावना भी काफी हद तक घटा देता है। इसलिए इसे बीमारी के इलाज की अपेक्षा बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम माना जाता है।

स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि 14 वर्ष की पात्र आयु वर्ग की बेटियों का एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं। विभाग ने बताया कि पात्र बालिकाओं के लिए एचपीवी वैक्सीन प्रदेश के शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों एवं निर्धारित टीकाकरण केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि आज लगाया गया यह टीका आने वाले वर्षों में बेटियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने की मजबूत नींव साबित होगा।

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