महाराष्ट्र में डॉक्टर पर हिंसक हमला: FICCS ने की कड़ी निंदा, केंद्रीय चिकित्सक सुरक्षा कानून लागू करने की मांग
www.healthbhaskar.com/ मुंबई /रायपुर 09 जुलाई 2026. महाराष्ट्र में एक चिकित्सक पर हुए हिंसक हमले की फोरम ऑफ इंटेंसिविस्ट्स एंड क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट्स (FICCS) ने कड़े शब्दों में निंदा की है। संगठन ने इसे केवल एक डॉक्टर पर हमला नहीं, बल्कि देश की संपूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्था पर सीधा हमला बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
FICCS ने अपने बयान में कहा कि मानव सेवा के लिए समर्पित चिकित्सकों पर किसी भी प्रकार की हिंसा अस्वीकार्य है। अस्पतालों में बेड, संसाधनों या अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी व्यवस्थागत समस्याओं के लिए व्यक्तिगत डॉक्टरों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। ये विषय शासन और नीति निर्माण से जुड़े हैं, जबकि चिकित्सक सीमित संसाधनों में भी दिन-रात मरीजों का जीवन बचाने का प्रयास करते हैं।
संगठन ने कहा कि चिकित्सा समुदाय के लिए हर मरीज समान है और प्रत्येक व्यक्ति को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराना चिकित्सकों का नैतिक एवं पेशेवर दायित्व है। ऐसे में व्यवस्था की कमियों का दोष डॉक्टरों पर मढ़ना न केवल अनुचित है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए भी नुकसानदायक है।
FICCS की प्रमुख मांगें
- चिकित्सक पर हमला करने वाले सभी आरोपियों के खिलाफ तत्काल और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- न्यायपालिका इस मामले का स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेकर त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करे।
- देशभर में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय चिकित्सक सुरक्षा अधिनियम (Central Protection Act) शीघ्र लागू किया जाए, जिसमें ड्यूटी के दौरान हमला करने वालों के लिए कठोर एवं गैर-जमानती सजा का प्रावधान हो।
FICCS ने केंद्र और सभी राज्य सरकारों से स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि “डॉक्टर सुरक्षित होंगे, तभी मरीज सुरक्षित रहेंगे और देश की स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत बनी रहेगी।
