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चिरायु योजना से 10 वर्षीय मीर को मिली नई जिंदगी, जन्मजात पैरों की बीमारी का हुआ निःशुल्क सफल ऑपरेशन

www.healthbhaskar.com रायपुर 03/07/2026. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित चिरायु योजना जन्मजात बीमारियों और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे बच्चों के लिए नई उम्मीद बनकर उभर रही है। योजना के तहत मुंगेली जिले के ग्राम प्रतापपुर निवासी 10 वर्षीय मीर सय्यद सुल्तान अली का जन्मजात पैरों की बीमारी का सफल एवं पूरी तरह निःशुल्क ऑपरेशन कराया गया, जिसके बाद अब वह सामान्य बच्चों की तरह चल-फिर पा रहा है।

जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में संचालित चिरायु योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिरायु दल की चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोनिका कुर्रे और उनकी टीम ने मीर के पैरों की जन्मजात समस्या की पहचान की। बच्चे को चलने में हो रही परेशानी को देखते हुए परिवार को योजना की जानकारी दी गई और उपचार की पूरी प्रक्रिया शुरू कराई गई।

बच्चे को 10 फरवरी 2026 को रायपुर स्थित डीकेएस अस्पताल में विशेषज्ञ अस्थि रोग चिकित्सकों को दिखाया गया। आवश्यक जांच के बाद ऑपरेशन की सलाह दी गई और 12 मई 2026 को उसका सफल ऑपरेशन किया गया। उपचार और पुनर्वास के बाद अब मीर बिना किसी परेशानी के सामान्य जीवन जी रहा है।

मीर के पिता वकार अली ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इतने बड़े इलाज का खर्च उठाना संभव नहीं था। चिरायु योजना के तहत शासन ने पूरे उपचार का खर्च वहन किया, जिससे उनके बेटे को नया जीवन मिला। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य विभाग, चिरायु टीम और सभी संबंधित अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस सफलता में विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक  मनीष गुप्ता, प्रभारी जिला आरएमएनसीएचएन सलाहकार डॉ. अखिलेश कुमार बंजारे, चिरायु टीम की डॉ. मोनिका कुर्रे, एएनएम सती ध्रुव तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

चिरायु योजना के माध्यम से प्रदेश में जन्मजात और गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे अनेक बच्चों को स्वस्थ और बेहतर भविष्य मिल रहा है।

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