Sun. Aug 2nd, 2026

बारिश में बढ़ा पीलिया और टाइफाइड का खतरा, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की दी सलाह

मानसून के दौरान दूषित पानी और संक्रमित भोजन के सेवन से पीलिया (जॉन्डिस) और टाइफाइड जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से फैलते हैं, जिससे पेट और लिवर संबंधी संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है।

बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को इस मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

विशेषज्ञों ने बताया कि पीलिया मुख्य रूप से दूषित पानी और संक्रमित भोजन के कारण होता है। इसके प्रमुख लक्षणों में आंखों और त्वचा का पीला पड़ना, अत्यधिक कमजोरी, भूख कम लगना, पेट दर्द और पेशाब का गहरा रंग शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।

वहीं टाइफाइड एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो दूषित भोजन और पानी के माध्यम से फैलता है।

इसके सामान्य लक्षणों में कई दिनों तक लगातार तेज बुखार, सिरदर्द, पेट दर्द, कमजोरी और भूख न लगना शामिल हैं। समय पर जांच और उपचार से इस बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।

बचाव ही सबसे बेहतर उपाय

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बारिश के मौसम में साफ-सफाई और खानपान का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। विशेषज्ञों ने हमेशा उबला या शुद्ध पानी पीने, खुले में बिकने वाले कटे फल, ठेले के भोजन और बासी खाने से बचने की सलाह दी है।

इसके अलावा भोजन करने से पहले और शौचालय के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोना, घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देना तथा बाहर भोजन करते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना जरूरी बताया गया है।

लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सक से करें संपर्क

विशेषज्ञों के अनुसार यदि लगातार कई दिनों तक तेज बुखार बना रहे, आंखों या त्वचा में पीलापन दिखाई दे, अत्यधिक कमजोरी महसूस हो या पेट संबंधी परेशानी बढ़ने लगे, तो तुरंत चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।

उन्होंने चेतावनी दी कि बिना डॉक्टर की सलाह के स्वयं दवा लेना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि गलत उपचार बीमारी को और गंभीर बना सकता है।

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि मानसून के दौरान स्वच्छ पेयजल, सुरक्षित भोजन और व्यक्तिगत स्वच्छता को प्राथमिकता दें, ताकि पीलिया, टाइफाइड और अन्य जलजनित बीमारियों से बचा जा सके।

इन्हें भी पढ़े

You cannot copy content of this page