डीप ब्रेन स्टिमुलेशन थेरेपी से पार्किंसंस मरीजों को नई उम्मीद, मेदांता में उन्नत उपचार उपलब्ध
www.healthbhaskar.com रायपुर, 20 जून 2026। न्यूरोलॉजिकल बीमारियां आज दुनिया भर में विकलांगता के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। पिछले कुछ दशकों में इन बीमारियों से होने वाले रोग और विकलांगता का वैश्विक बोझ तेजी से बढ़ा है।
भारत में भी न्यूरोलॉजिकल विकार कुल बीमारी के बोझ का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा हैं। ऐसे में आधुनिक चिकित्सा तकनीकों ने मरीजों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।
गुरुग्राम स्थित विश्वस्तरीय अस्पताल मेदांता-द मेडिसिटी में उपलब्ध डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (डीबीएस) थेरेपी, जिसे सामान्य भाषा में “ब्रेन पेसमेकर सर्जरी” कहा जाता है, न्यूरोलॉजिकल विकारों से जूझ रहे मरीजों के लिए एक प्रभावी उपचार के रूप में उभरकर सामने आई है।
यह तकनीक विशेष रूप से उन्नत चरण के पार्किंसंस रोग, डिस्टोनिया, आवश्यक कंपन (एसेंशियल ट्रेमर), वयस्कों में होने वाली दुर्दम्य मिर्गी तथा गंभीर जुनूनी-बाध्यकारी विकार (ओसीडी) के उपचार में कारगर मानी जाती है।
मेदांता के न्यूरोसाइंसेज इंस्टीट्यूट में न्यूरोसर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. अनिरबन दीप बनर्जी ने बताया कि पार्किंसंस रोग एक प्रगतिशील न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसके कारण मरीजों को कंपकंपी, शरीर में जकड़न, चलने-फिरने में कठिनाई और संतुलन बनाए रखने में परेशानी होती है। हालांकि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में हुई प्रगति से अब इस बीमारी के प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार संभव हो पाया है।
उन्होंने बताया कि डीप ब्रेन स्टिमुलेशन एक उन्नत न्यूरोसर्जिकल प्रक्रिया है, जिसमें मस्तिष्क के प्रभावित हिस्सों में इलेक्ट्रोड लगाए जाते हैं। ये इलेक्ट्रोड असामान्य न्यूरल सिग्नलों को नियंत्रित कर मोटर फंक्शन को बेहतर बनाते हैं, जिससे कंपकंपी, जकड़न और अनियंत्रित गतिविधियों जैसे लक्षणों में उल्लेखनीय कमी आती है और मरीज के जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है।
डॉ. बनर्जी के अनुसार, नवीनतम तकनीक, बेहतर इमेजिंग और एडवांस्ड प्रोग्रामेबल डीबीएस सिस्टम के कारण यह उपचार पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और प्रभावी हो गया है। सही समय पर विशेषज्ञ परामर्श तथा उचित मरीजों के चयन से इसके परिणाम अत्यंत सकारात्मक हो सकते हैं।
उन्होंने पार्किंसंस रोग के मरीजों और उनके परिजनों से अपील करते हुए कहा कि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर न्यूरोलॉजिस्ट एवं न्यूरोसर्जन से परामर्श लेकर आधुनिक उपचार विकल्पों की जानकारी प्राप्त करें। जागरूकता और समय पर उपचार से मरीज अधिक सक्रिय, स्वतंत्र और बेहतर जीवन जी सकते हैं।
डॉ. बनर्जी ने कहा कि डीप ब्रेन स्टिमुलेशन जैसी उन्नत उपचार पद्धतियां मरीजों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं, लेकिन विशेष रूप से निम्न और मध्यम आय वाले देशों में इसकी पहुंच अभी भी एक चुनौती बनी हुई है। उन्होंने कहा कि मेदांता का उद्देश्य आधुनिक उपचार तकनीकों को अधिक से अधिक मरीजों तक पहुंचाना और उन्हें बेहतर जीवन गुणवत्ता प्रदान करना है।
उल्लेखनीय है कि डॉ. अनिरबन दीप बनर्जी पिछले डेढ़ दशक में 300 से अधिक डीबीएस सर्जरी सफलतापूर्वक कर चुके हैं, जिससे इस क्षेत्र में उनकी पहचान देश के अग्रणी न्यूरोसर्जनों में स्थापित हुई है।
मेदांता के बारे में
डॉ. नरेश त्रेहन द्वारा स्थापित मेदांता-द मेडिसिटी देश के अग्रणी मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पतालों में से एक है। डॉ. नरेश त्रेहन को चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मश्री, पद्म भूषण तथा डॉ. बी.सी. रॉय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
