सुकमा के आयुष्मान आरोग्य मंदिर सुकमा-01 को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणपत्र
www.healthbhaskar.com रायपुर 03/07/2026. नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई है। विकासखंड सुकमा के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र सुकमा-01 को भारत सरकार की ओर से राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि के साथ जिले के कुल 17 स्वास्थ्य केंद्र राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त कर चुके हैं।
कलेक्टर श्री अमित कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य केंद्र ने भारत सरकार के राष्ट्रीय मूल्यांकन में 93.04 प्रतिशत अंक हासिल किए। इस सफलता का श्रेय सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी श्री मणीन्द्र कुर्रे, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक श्रीमती रेणूका सूना, श्री माड़वी हिड़मा सहित पूरी स्वास्थ्य टीम के समर्पण और बेहतर कार्यप्रणाली को दिया जा रहा है।
कड़े मानकों पर खरा उतरने के बाद मिला प्रमाणन
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाणपत्र केवल उन स्वास्थ्य संस्थानों को दिया जाता है, जो गुणवत्ता के सभी निर्धारित मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। मूल्यांकन के दौरान मरीजों की संतुष्टि, स्वच्छता, सुरक्षित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, मानसिक स्वास्थ्य, संचारी एवं गैर-संचारी रोगों की देखभाल, प्रयोगशाला सेवाएं तथा स्वास्थ्य प्रबंधन जैसे विभिन्न मानकों की विस्तृत जांच की जाती है।
7,417 ग्रामीणों को मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र सुकमा-01 आधुनिक प्रसव कक्ष, सुसज्जित प्रयोगशाला और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों से सुसज्जित है। यह केंद्र लगभग 7,417 ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।
स्वास्थ्य योजनाओं से बदल रही सुकमा की तस्वीर
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में सुकमा में स्वास्थ्य अधोसंरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। आयुष्मान भारत सहित विभिन्न जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं।
अन्य जिलों के लिए बना प्रेरणादायक मॉडल
सुकमा की यह उपलब्धि दर्शाती है कि मजबूत प्रशासनिक नेतृत्व, प्रभावी योजनाओं के क्रियान्वयन और स्वास्थ्य कर्मियों की समर्पित सेवाओं से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी राष्ट्रीय स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं विकसित की जा सकती हैं। जिले का यह मॉडल अब प्रदेश के साथ-साथ देश के अन्य आकांक्षी जिलों के लिए भी प्रेरणा बनकर उभर रहा है।
