वर्षाकाल में आकाशीय बिजली से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी जारी
www.healthbhaskar.com/रायपुर 01 जुलाई 2026. वर्षाकाल में आकाशीय बिजली गिरने की बढ़ती आशंकाओं को देखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने नागरिकों के लिए सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने लोगों से मौसम खराब होने, बादलों की गरज और बिजली चमकने के दौरान विशेष सतर्कता बरतने तथा सुरक्षा उपायों का पालन करने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आकाशीय बिजली एक प्राकृतिक आपदा है, लेकिन थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर जनहानि और गंभीर दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। विभाग ने सलाह दी है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत, पहाड़ी, जलाशय, पेड़ के नीचे या अन्य ऊंचे स्थानों पर रुकने से बचें। ऐसी स्थिति में तुरंत किसी पक्के भवन या बंद चारपहिया वाहन में शरण लें।
एडवाइजरी में कहा गया है कि बिजली कड़कने के समय नदी, तालाब और अन्य जल स्रोतों से दूर रहें। साथ ही लोहे की रॉड, तार, कृषि उपकरण या अन्य धातु की वस्तुओं के साथ खुले स्थान पर न रहें। नागरिकों से मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की भी अपील की गई है।
यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर फंस जाए तो जमीन पर पूरी तरह लेटने के बजाय दोनों पैरों को साथ रखकर नीचे झुक जाए, सिर नीचे रखें और अन्य लोगों से कुछ दूरी बनाए रखें। इससे आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति में जोखिम कम हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति पर आकाशीय बिजली गिर जाए तो उसे छूना पूरी तरह सुरक्षित होता है। ऐसे में घायल व्यक्ति को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाकर 108 एम्बुलेंस सेवा या निकटतम स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करें और शीघ्र अस्पताल पहुंचाएं। यदि प्रभावित व्यक्ति की सांस या नाड़ी नहीं चल रही हो तो प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा सीपीआर (CPR) देकर प्राथमिक उपचार शुरू किया जा सकता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वर्षाकाल में स्वयं सुरक्षित रहें, अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी आकाशीय बिजली से बचाव के उपायों की जानकारी दें तथा मौसम संबंधी सभी चेतावनियों का गंभीरता से पालन करें। विभाग ने संदेश दिया है— “जब गरज सुनाई दे, तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएं। आपकी सतर्कता ही आपका जीवन बचा सकती है।”
