आयुष्मान कार्ड फर्जीवाड़े की शिकायत पर 100 से ज्यादा अस्पतालों में छापेमारी
रायपुर, 30 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में आयुष्मान कार्ड के जरिए कथित फर्जी इलाज और क्लेम से जुड़ी शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। रायपुर समेत कई जिलों के 100 से ज्यादा सरकारी और निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम में एक साथ जांच अभियान चलाया गया। विभाग की अलग-अलग टीमें अस्पतालों में पहुंचकर आयुष्मान योजना से जुड़े इलाज और दस्तावेजों की जांच कर रही हैं।
अस्पतालों में रिकॉर्ड की जांच
स्वास्थ्य विभाग की टीमें अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड के माध्यम से किए गए इलाज, मरीजों की भर्ती और संबंधित क्लेम के रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही हैं। इलाज से जुड़े दस्तावेजों और मरीजों की जानकारी का भी मिलान किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि विभाग को कुछ अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत कथित अनियमितता की शिकायतें मिली थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर यह जांच कार्रवाई की गई है। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन अस्पतालों में किस तरह की गड़बड़ी सामने आई है।
बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना के रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
जानकारी के मुताबिक, जांच के दौरान ओडिशा सरकार की बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना से जुड़े मामलों की भी पड़ताल की जा रही है। इस योजना के पात्र हितग्राहियों को सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलती है।
छत्तीसगढ़ के कुछ अस्पतालों में भी पात्र मरीजों को इस योजना के तहत उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में संबंधित मरीजों की पात्रता और इलाज से जुड़े रिकॉर्ड की जांच भी की जा रही है।
छत्तीसगढ़ में आयुष्मान कार्ड या ई-कार्ड के जरिए पंजीकृत अस्पतालों में योजना के तहत उपचार की सुविधा उपलब्ध है। वहीं राज्य की पुरानी मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में इस्तेमाल होने वाले स्मार्ट कार्ड को बाद में केंद्र की आयुष्मान योजना से जोड़ा गया था।
जांच के बाद सामने आएगी स्थिति
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब अस्पतालों में मिले दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। फिलहाल विभाग की ओर से इस कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन अस्पतालों में अनियमितताएं मिलीं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
