पोषण बाड़ी से बदली तेजेश्वरी की जिंदगी, स्वास्थ्य में आया सुधार
www.healthbhaskar.com/रायपुर 30 सितम्बर 2026. खैरागढ़ जिले के ग्राम कोहलाटोला की श्रीमती तेजेश्वरी चंदेल के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ाव और पोषण बाड़ी नई उम्मीद लेकर आई है। संतुलित आहार और घर में उगाई ताजी सब्जियों को भोजन में शामिल करने से उनके स्वास्थ्य में सुधार आया है। साथ ही परिवार को बाजार से सब्जियां खरीदने पर होने वाले खर्च में भी कमी आई है।
तेजेश्वरी ओम साई स्व सहायता समूह, फुलवारी ग्राम संगठन और विद्या संकुल संगठन से जुड़ी हैं। वे अपने पति ऋग्वेद चंदेल के साथ कृषि एवं सब्जी उत्पादन का काम करती हैं। पहले वे सिकल सेल एनीमिया की समस्या से परेशान थीं। कमजोरी और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के चलते उपचार पर भी खर्च करना पड़ता था।
एफएनएचडब्ल्यू मास्टर ट्रेनर से उन्हें संतुलित आहार, पौष्टिक भोजन और आंगनबाड़ी केंद्र से मिलने वाले रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों के उपयोग की जानकारी मिली। कृषि सखी के मार्गदर्शन में उन्होंने घर में पोषण बाड़ी तैयार की। अब यहां उगने वाली हरी और मौसमी सब्जियां परिवार के भोजन का नियमित हिस्सा हैं। इससे भोजन में पोषण और विविधता बढ़ी है।
बेटे के स्वास्थ्य में भी सुधार
तेजेश्वरी का बेटा पहले कमजोर रहता था और अक्सर बीमार पड़ता था। एफएनएचडब्ल्यू कार्यक्रम से मिली जानकारी के बाद उन्होंने बच्चे को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्र भेजना शुरू किया। वहां उसे ताजा एवं गर्म पौष्टिक भोजन, नियमित वजन जांच और टीकाकरण की सुविधा मिल रही है। नियमित पोषण और देखभाल से बच्चे के स्वास्थ्य में भी सुधार आया है।
तेजेश्वरी के लिए पोषण बाड़ी अब केवल परिवार की पोषण जरूरतें पूरी करने का माध्यम नहीं है, बल्कि कृषि गतिविधियों में भागीदारी और आत्मनिर्भरता का जरिया भी बन गई है।
