बोलने में असमर्थ बच्चों तक पहुंची दाई-दीदी एमएमयू, 90 बच्चों की जांच
www.healthbhaskar.com/रायपुर 13 सितम्बर 2026. स्वास्थ्य सुविधाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाने की दिशा में दाई-दीदी मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू-2) ने मठपुरैना स्थित शासकीय मूक-बधिर एवं दृष्टिबाधित विद्यालय में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया। शिविर में 90 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और उपचार दिया गया।
मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत आयोजित शिविर की खास बात यह रही कि स्वास्थ्य टीम ने ऐसे बच्चों तक पहुंचकर जांच की, जिनके लिए अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को सामान्य तरीके से व्यक्त करना भी चुनौतीपूर्ण होता है। बच्चों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए चिकित्सकीय टीम ने संवेदनशीलता के साथ उनका परीक्षण किया।
शिविर के दौरान एक बच्चे में टायफायड और मलेरिया जैसे लक्षण पाए जाने पर डॉक्टरों ने विशेष सतर्कता बरती। बच्चे को आगे की जांच और आवश्यक उपचार के लिए रेफर किया गया।
एमएमयू की टीम पहुंची विशेष विद्यालय
शिविर में डॉ. निवेदिता चंद्रा ने बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। फार्मासिस्ट नंदिनी साहू, लैब टेक्नीशियन अंजू साहू और नर्स नेहा निर्मलकर ने सहयोग किया। शिविर में कुल 90 बच्चों की ओपीडी दर्ज की गई।
कार्यक्रम एरिया प्रोजेक्ट मैनेजर काजल शर्मा की उपस्थिति में आयोजित किया गया। यह पहल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत की गई।
नगर निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे, नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष गायत्री चंद्राकर और आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देशानुसार शिविर आयोजित किया गया। अपर आयुक्त स्वास्थ्य विनोद पांडे और उपायुक्त स्वास्थ्य जसदेव सिंह बाबरा के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य टीम ने बच्चों की जांच की।
अस्पताल तक नहीं, मरीज तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवा
मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट का उद्देश्य उन लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जिनके लिए अस्पताल तक पहुंचना आसान नहीं होता। इसी उद्देश्य के तहत अब एमएमयू की टीमें स्कूलों और विशेष संस्थानों तक पहुंचकर भी स्वास्थ्य जांच कर रही हैं।
मठपुरैना के विशेष विद्यालय में आयोजित शिविर ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि स्वास्थ्य सेवा केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं है। जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर चिकित्सा सुविधा पहुंचाना भी उतना ही जरूरी है।
विशेष बच्चों के बीच पहुंचकर आयोजित यह शिविर समावेशी स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। दाई-दीदी एमएमयू-2 की इस पहल ने सेवा और संवेदना के साथ समय पर स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान कर जरूरी उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत किया है।
