ज्यादा चीनी से बढ़ सकती है गठिया की परेशानी, सूजन और दर्द का खतरा भी
जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न के साथ चलने, उठने-बैठने में परेशानी को आमतौर पर अर्थराइटिस यानी गठिया से जोड़ा जाता है। इस बीमारी में खान-पान की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। खासकर ज्यादा चीनी और मीठी चीजों का सेवन मरीज की परेशानी बढ़ा सकता है। शोधों के अनुसार अत्यधिक चीनी शरीर में सूजन बढ़ाने वाले साइटोकाइन प्रोटीन का उत्पादन बढ़ा सकती है। इससे पहले से सूजन से जूझ रहे अर्थराइटिस मरीजों में दर्द और अकड़न अधिक महसूस हो सकती है।
मीठे ड्रिंक और पैकेज्ड फूड से रहें सावधान
सोडा, कोल्ड ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक, पैक्ड फ्रूट जूस, केक, पेस्ट्री, कुकीज, कैंडी, चॉकलेट, फ्लेवर्ड दही और मीठे ब्रेकफास्ट सीरियल में छिपी हुई चीनी की मात्रा अधिक हो सकती है। मीठी चाय-कॉफी, पैक्ड स्नैक्स और कुछ सॉस भी चीनी की मात्रा बढ़ा सकते हैं। इसलिए पैकेज्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय इंग्रेडिएंट्स और न्यूट्रिशन लेबल जरूर पढ़ना चाहिए।
रूमेटॉइड अर्थराइटिस में भी बढ़ सकती है तकलीफ
रूमेटॉइड अर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली जोड़ों को प्रभावित करती है। घुटने, कलाई और हाथों के जोड़ों में दर्द व सूजन इसके प्रमुख लक्षण हैं। कुछ अध्ययनों में मरीजों ने मिठाइयों और सोडा जैसे खाद्य पदार्थों के सेवन के बाद लक्षण बढ़ने की बात बताई है।
ऑस्टियोआर्थराइटिस में वजन भी बन सकता है वजह
ऑस्टियोआर्थराइटिस अर्थराइटिस का सबसे सामान्य प्रकार है। इसमें घुटने, कूल्हे और रीढ़ के जोड़ ज्यादा प्रभावित होते हैं। ज्यादा मीठे और कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ वजन बढ़ा सकते हैं। बढ़ा हुआ वजन खासकर घुटनों और कूल्हों के जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे दर्द और चलने-फिरने की परेशानी बढ़ सकती है।
क्या करें: मीठे पेय और अतिरिक्त चीनी को सीमित रखें। फल, सब्जियां, साबुत अनाज और संतुलित आहार को प्राथमिकता दें। यदि अर्थराइटिस के लक्षण लगातार बने हुए हैं, तो डाइट में बड़े बदलाव डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह से ही करें।
