16 दिन की जंग के बाद मिली जिंदगी की जीत: जिला अस्पताल मुंगेली की आईसीयू टीम ने बचाई 15 वर्षीय किशोरी की जान
https://www.healthbhaskar.com रायपुर/मुंगेली 24/07/2026. जिला चिकित्सालय मुंगेली के चिकित्सकों ने समर्पण, विशेषज्ञ उपचार और उत्कृष्ट टीमवर्क का परिचय देते हुए गंभीर विषाक्तता से जूझ रही 15 वर्षीय किशोरी की जान बचाकर एक और बड़ी सफलता हासिल की है। 16 दिनों तक आईसीयू में चले गहन उपचार, लगातार निगरानी और आधुनिक चिकित्सा प्रबंधन के बाद किशोरी को सुरक्षित सामान्य वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया। यह सफलता जिला अस्पताल में उपलब्ध उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सकीय दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार कबीरधाम जिले के पंडरिया क्षेत्र की रहने वाली 15 वर्षीय पूजा डाहिरे को अचेत अवस्था, गंभीर श्वसन कष्ट और मुंह से झाग आने की स्थिति में अस्पताल लाया गया था। परिजनों ने बताया कि उसने लगभग 14 घंटे पहले किसी अज्ञात विषैले पदार्थ का सेवन कर लिया था, जिससे ऑर्गेनोफॉस्फोरस विषाक्तता की आशंका जताई गई। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला चिकित्सालय मुंगेली रेफर किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. विजेन्द्र पाटले के नेतृत्व में उसे तत्काल आईसीयू में भर्ती कर मैकेनिकल वेंटिलेशन पर रखा गया और जीवनरक्षक उपचार शुरू किया गया।
उपचार के दौरान मरीज को वेंटिलेटर एसोसिएटेड निमोनिया (VAP) हो गया, जिससे स्थिति और अधिक जटिल बन गई। चिकित्सकों ने कई बार वेंटिलेटर हटाने का प्रयास किया, लेकिन कमजोर चेतना, सांस लेने में कठिनाई और श्वसन मार्ग की सफाई न कर पाने के कारण मरीज को तीन बार दोबारा इंट्यूबेशन करना पड़ा। इसके बावजूद आईसीयू टीम ने हार नहीं मानी और लगातार उपचार जारी रखा।
लगातार 16 दिनों के अथक प्रयास, विशेषज्ञ चिकित्सा और चौबीसों घंटे निगरानी के बाद पूजा की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से आईसीयू से सामान्य वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उसकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार बेहतर बताई जा रही है।
इस सफल उपचार में डॉ. विजेन्द्र पाटले के नेतृत्व में डॉ. रितु, डॉ. मणिलाल सहित आईसीयू के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए मरीज को नया जीवन देने में सफलता प्राप्त की।
जिला चिकित्सालय मुंगेली की यह उपलब्धि न केवल अस्पताल की आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सकीय क्षमता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि समर्पित टीमवर्क, समय पर उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सा से गंभीर से गंभीर मरीजों की जान भी बचाई जा सकती है।
