बीजापुर जिला अस्पताल में सफल क्लेफ्ट लिप सर्जरी: 22 साल बाद भीमे हेमला के चेहरे पर लौटी मुस्कान
www.healthbhaskar.com रायपुर 11 जुलाई 2026. छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से मानवता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। जन्म से होंठ की जन्मजात विकृति (क्लेफ्ट लिप) से पीड़ित 22 वर्षीय भीमे हेमला की जिला अस्पताल बीजापुर में सफल सर्जरी की गई। वर्षों से बोलने, भोजन करने और सामान्य जीवन जीने में कठिनाइयों का सामना कर रही भीमे अब पूरी तरह सामान्य जीवन की ओर लौट रही हैं। सफल ऑपरेशन के बाद उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई है और आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
जन्म से थी गंभीर समस्या
बीजापुर जिले के दूरस्थ बासागुड़ा गांव की रहने वाली भीमे हेमला जन्म से ही क्लेफ्ट लिप की समस्या से जूझ रही थीं। इस विकृति के कारण उन्हें भोजन निगलने, स्पष्ट बोलने और सामाजिक जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लंबे समय तक इलाज नहीं मिलने से यह समस्या उनके आत्मविश्वास को भी प्रभावित कर रही थी।
जिला अस्पताल में हुआ सफल ऑपरेशन
इलाज के लिए भीमे ने जिला अस्पताल बीजापुर में संपर्क किया, जहां ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. विभू तिवारी के नेतृत्व में स्थानीय एनेस्थीसिया के तहत उनकी सफल सर्जरी की गई। ऑपरेशन थिएटर के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों के समन्वित प्रयास से जटिल शल्य चिकित्सा सफलतापूर्वक पूरी हुई।
अब बिना परेशानी बोल और खा पा रही हैं
सर्जरी के बाद भीमे के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब उन्हें बोलने, भोजन करने और निगलने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती। उनके चेहरे की बनावट में भी सुधार आया है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे सम्मानजनक व सामान्य जीवन जीने की ओर आगे बढ़ रही हैं।
बीजापुर में मजबूत हो रही स्वास्थ्य सेवाएं
जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए कलेक्टर विश्वदीप के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता चौबे के सहयोग से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी और सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर के नेतृत्व में जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का विस्तार हुआ है। इसका लाभ अब दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों के मरीजों को अपने जिले में ही मिल रहा है।
जिला अस्पताल में इस तरह की जटिल सर्जरी का सफल होना इस बात का प्रमाण है कि अब मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा है। उन्हें स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
भीमे ने जताया आभार
सफल उपचार के बाद भीमे हेमला ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वह जन्म से इस समस्या से परेशान थीं, लेकिन अब आसानी से बोल और भोजन कर पा रही हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. विभू तिवारी, जिला अस्पताल के सभी डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
यह सफल सर्जरी न केवल एक मरीज के जीवन में नई उम्मीद लेकर आई है, बल्कि यह भी साबित करती है कि बीजापुर जैसे दूरस्थ जिले में भी बेहतर और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं अब लोगों की पहुंच में हैं।
