मिशन दृष्टि से 42 ग्रामीणों का निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन, सुकमा के दूरस्थ गांवों में लौटी आंखों की रोशनी
www.healthbhaskar.com रायपुर 24 जून 2026 . कभी नक्सल प्रभावित और विकास की मुख्यधारा से कटे रहे सुकमा जिले के सुदूर अंचलों में अब स्वास्थ्य सेवाओं की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने जगरगुंडा तहसील के दूरस्थ गांवों के 42 मोतियाबिंद मरीजों का सफल एवं निःशुल्क ऑपरेशन कर उन्हें नई रोशनी और नया जीवन प्रदान किया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने दुर्गम और पहुंचविहीन क्षेत्रों में घर-घर सर्वे कर मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों की पहचान की। इसके बाद सभी मरीजों को विशेष वाहनों के माध्यम से जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां सिविल सर्जन डॉ. एम.आर. कश्यप और नेत्र सर्जन डॉ. खुशबू देवांगन की देखरेख में ‘मिशन दृष्टि’ योजना के तहत सफल सर्जरी की गई।
इस अभियान की सबसे भावुक कहानी दूरस्थ गांव गेड़ापार निवासी माड़वी मुये की रही। पिछले तीन महीनों से आंखों की धुंधली होती रोशनी के कारण परेशान माड़वी के दोनों आंखों का सफल ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद उनकी आंखों की रोशनी लौट आई और चेहरे पर मुस्कान वापस आ गई।
माड़वी मुये ने भावुक होकर कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन की वजह से उन्हें नया जीवन मिला है और वे इसके लिए सदैव आभारी रहेंगे।
अस्पताल से छुट्टी के दौरान मरीजों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें फल वितरित किए गए। इसके बाद सभी मरीजों को सुरक्षित उनके गांवों तक पहुंचाया गया। जिला प्रशासन ने मरीजों और उनके परिजनों से अपील की है कि वे अपने आसपास के अन्य जरूरतमंद लोगों को भी उपचार के लिए प्रेरित करें।
जिला प्रशासन के अनुसार नक्सल गतिविधियों में कमी आने के बाद सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। अब गरीब और जरूरतमंद ग्रामीणों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा, बल्कि शासन की स्वास्थ्य योजनाएं सीधे उनके गांव और घर तक पहुंच रही हैं। यह पहल सुकमा जिले में बदलते विकास और जनकल्याण की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रही है।
