छत्तीसगढ़ में बाहरी स्वास्थ्यकर्मियों को अनुमति देने वाली अधिसूचना का JDA ने किया विरोध
healthbhaskar.com रायपुर 15/06/2026। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) छत्तीसगढ़ ने राज्य शासन द्वारा जारी उस अधिसूचना का विरोध किया है, जिसके तहत भारत के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में पंजीकृत चिकित्सक, नर्स, तकनीशियन और अन्य स्वास्थ्यकर्मी बिना छत्तीसगढ़ की संबंधित परिषदों में अतिरिक्त पंजीयन के राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकेंगे। संगठन ने इस निर्णय पर गंभीर चिंता जताते हुए इसे स्थानीय युवाओं के हितों के खिलाफ बताया है।
JDA का कहना है कि इस व्यवस्था से राज्य के मूल निवासियों, स्थानीय चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मियों के रोजगार अवसर प्रभावित हो सकते हैं। संगठन के अनुसार, छत्तीसगढ़ के हजारों युवा वर्षों की पढ़ाई, प्रशिक्षण और प्रतियोगी परीक्षाओं के बाद रोजगार एवं प्रैक्टिस के अवसरों की उम्मीद रखते हैं। ऐसे में बिना किसी स्थानीय पंजीयन प्रक्रिया या प्राथमिकता नीति के बाहरी राज्यों के स्वास्थ्यकर्मियों को अनुमति देना चिंता का विषय है।
एसोसिएशन ने कहा कि यह निर्णय केवल डॉक्टरों तक सीमित नहीं है, बल्कि नर्सिंग और पैरामेडिकल क्षेत्र से जुड़े हजारों युवाओं को भी प्रभावित करेगा। राज्य के विभिन्न नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों से हर वर्ष बड़ी संख्या में प्रशिक्षित युवा निकलते हैं, जो पहले से ही सीमित रोजगार अवसरों का सामना कर रहे हैं।
JDA ने मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। संगठन के अनुसार, अब तक राज्य की संबंधित परिषदों में पंजीयन के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों की योग्यता, डिग्री और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता था। नई व्यवस्था में यह स्पष्ट नहीं है कि अन्य राज्यों से आने वाले स्वास्थ्यकर्मियों के प्रमाणपत्रों और अनुभव का सत्यापन किस प्रकार होगा।
एसोसिएशन ने राज्य शासन से अधिसूचना पर पुनर्विचार करने, सभी संबंधित परिषदों और हितधारकों से व्यापक चर्चा करने तथा स्वास्थ्यकर्मियों के लिए अनिवार्य और पारदर्शी सत्यापन प्रणाली लागू करने की मांग की है। JDA ने चेतावनी दी है कि मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने पर वह लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से विरोध दर्ज कराएगा।
