किडनी स्टोन का साइज कितना हो तो बिना सर्जरी निकल सकती है पथरी?
किडनी स्टोन यानी पथरी का पता चलने पर मरीजों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या पथरी बिना ऑपरेशन के निकल सकती है? इसका जवाब केवल पथरी के आकार पर निर्भर नहीं करता। पथरी किडनी में है या यूरेटर में, उसका आकार कितना है, पेशाब के रास्ते में रुकावट है या नहीं और मरीज को दर्द, संक्रमण अथवा किडनी की कार्यक्षमता से जुड़ी परेशानी तो नहीं है—इन सभी बातों को ध्यान में रखकर डॉक्टर इलाज तय करते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यूरेटर यानी किडनी से मूत्राशय तक पेशाब पहुंचाने वाली नली में मौजूद छोटी पथरी के अपने आप निकलने की संभावना अधिक होती है। वहीं, बड़ी पथरी के फंसने और पेशाब का प्रवाह बाधित होने का जोखिम बढ़ सकता है।
5 एमएम से छोटी पथरी के निकलने की संभावना अधिक
पथरी का आकार बढ़ने के साथ उसके अपने आप बाहर निकलने की संभावना सामान्यतः कम होती जाती है। लगभग 5 एमएम या इससे छोटी यूरेटर स्टोन के प्राकृतिक रूप से निकलने की संभावना अपेक्षाकृत अधिक रहती है। हालांकि, यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि पथरी यूरेटर के किस हिस्से में मौजूद है।
अमेरिकन यूरोलॉजिकल एसोसिएशन की गाइडलाइन के अनुसार, चुनिंदा मरीजों में 10 एमएम या उससे छोटी यूरेटर स्टोन के लिए डॉक्टर निगरानी के साथ कुछ समय तक उसके अपने आप निकलने का इंतजार करने की सलाह दे सकते हैं। लेकिन यह विकल्प तभी उपयुक्त होता है, जब मरीज की स्थिति स्थिर हो और संक्रमण या किडनी को नुकसान पहुंचने जैसी गंभीर समस्या न हो।
5 से 10 एमएम की पथरी में क्या होता है?
5 से 10 एमएम के आकार वाली पथरी के मामले में इलाज का फैसला अधिक सावधानी से किया जाता है। इस आकार की कुछ पथरियां बिना किसी प्रक्रिया के निकल सकती हैं, जबकि कुछ को निकालने के लिए चिकित्सा प्रक्रिया की जरूरत पड़ सकती है।
कुछ अध्ययनों में निचले यूरेटर में मौजूद 5 से 7 एमएम की पथरी के अपने आप निकलने की संभावना लगभग 70 प्रतिशत और 7 से 10 एमएम की पथरी के लिए करीब 40 प्रतिशत बताई गई है। ये आंकड़े अध्ययन और मरीजों की स्थिति के अनुसार बदल सकते हैं, इसलिए इन्हें हर मरीज के लिए निश्चित संभावना नहीं माना जाना चाहिए।
क्या ज्यादा पानी पीने से निकल जाती है पथरी?
पथरी होने पर पर्याप्त पानी पीना जरूरी है, क्योंकि इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती और पेशाब का सामान्य प्रवाह बना रहता है। लेकिन यह मानना सही नहीं है कि ज्यादा से ज्यादा पानी पीने से हर पथरी तेजी से बाहर निकल जाएगी।
यदि पथरी रास्ते में फंसी हुई है और पेशाब के प्रवाह में रुकावट पैदा कर रही है, तो जबरदस्ती बहुत अधिक पानी पीना दर्द का समाधान नहीं है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार कराना जरूरी है। साथ ही, पथरी का अपने आप निकलना और दवा से उसका घुलना अलग-अलग स्थितियां हैं। अधिकांश सामान्य कैल्शियम स्टोन दवाओं या पानी से सीधे नहीं घुलते।
पथरी का इलाज तय करते समय डॉक्टर किन बातों को देखते हैं?
पथरी का आकार महत्वपूर्ण है, लेकिन इलाज का निर्णय लेते समय डॉक्टर कई अन्य पहलुओं का भी मूल्यांकन करते हैं।
- पथरी की लोकेशन: वह किडनी में है या यूरेटर के ऊपरी, मध्य अथवा निचले हिस्से में।
- पेशाब में रुकावट: पथरी के कारण यूरिन फ्लो बाधित हो रहा है या नहीं।
- किडनी में सूजन: अल्ट्रासाउंड या अन्य जांच में हाइड्रोनेफ्रोसिस के संकेत तो नहीं हैं।
- दर्द की स्थिति: दर्द दवाओं से नियंत्रित हो रहा है या लगातार बना हुआ है।
- संक्रमण और किडनी फंक्शन: बुखार, यूरिनरी इंफेक्शन या किडनी की कार्यक्षमता में गिरावट तो नहीं है।
- इमेजिंग रिपोर्ट: अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन में पथरी का सटीक आकार और स्थान क्या है।
इन सभी बातों के आधार पर डॉक्टर तय करते हैं कि मरीज को निगरानी में रखना उचित है, दवाओं से मदद मिल सकती है या पथरी निकालने के लिए प्रक्रिया की जरूरत है।
किन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
यदि पथरी के साथ बुखार या ठंड लगना, पेशाब बहुत कम होना या बंद होना, असहनीय दर्द अथवा लगातार उल्टी जैसी परेशानी हो, तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। विशेष रूप से संक्रमण के साथ पेशाब के रास्ते में रुकावट एक आपात स्थिति हो सकती है।
