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तनाव और एंग्जायटी से त्वचा पर दिख सकते हैं लाल चकत्ते, खुजली और पित्ती के लक्षण

लगातार तनाव, चिंता या एंग्जायटी का असर सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव शरीर और त्वचा पर भी दिखाई दे सकता है। कुछ लोगों में तनावपूर्ण स्थिति के दौरान अचानक त्वचा पर लाल चकत्ते, खुजली या छोटे-छोटे उभरे हुए निशान नजर आने लगते हैं। हालांकि, हर तरह के स्किन रैश को एंग्जायटी से जोड़ना सही नहीं है, लेकिन साइकोलॉजिकल स्ट्रेस त्वचा से जुड़ी कुछ समस्याओं को ट्रिगर या बढ़ा सकता है।

स्ट्रेस में सक्रिय होता है शरीर का स्ट्रेस रिस्पॉन्स

मेडिकल रिसर्च के अनुसार तनाव के दौरान शरीर का हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी-एड्रेनल (HPA) एक्सिस और सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय हो जाता है। इसके चलते CRH, ACTH और कोर्टिसोल जैसे हार्मोन तथा एड्रेनालाइन और नोरएड्रेनालाइन जैसे केमिकल मीडियेटर्स में बदलाव होता है।

इन बदलावों का असर त्वचा में मौजूद नर्व एंडिंग्स और इम्यून सेल्स पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि कुछ लोगों में तनाव के समय पहले से मौजूद त्वचा संबंधी परेशानी बढ़ सकती है।

एंग्जायटी और पित्ती के बीच कनेक्शन

तनाव के दौरान कुछ लोगों में पित्ती (Urticaria/Hives) के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसमें त्वचा पर अचानक खुजलीदार, लाल और उभरे हुए चकत्ते बनते हैं। ये शरीर के किसी भी हिस्से में दिखाई दे सकते हैं और इनका आकार अलग-अलग हो सकता है।

पित्ती में मास्ट सेल्स सक्रिय होने पर हिस्टामाइन समेत कई इंफ्लामेटरी तत्व रिलीज होते हैं। इससे त्वचा में लालिमा, सूजन और खुजली जैसे लक्षण पैदा हो सकते हैं। रिसर्च में स्ट्रेस और क्रोनिक अर्टिकेरिया के बीच न्यूरो-इम्यून कम्यूनिकेशन की भूमिका पर भी अध्ययन किया गया है।

तनाव बढ़ा सकता है खुजली

स्ट्रेस और खुजली के बीच भी संबंध देखा गया है। मानसिक तनाव कई लोगों में पहले से मौजूद खुजली को बढ़ा सकता है। लगातार खुजली होने से बेचैनी और एंग्जायटी बढ़ सकती है और इसके बाद खुजली और ज्यादा महसूस होने लगती है। इस तरह तनाव और खुजली का एक चक्र बन सकता है।

हर रैश को स्ट्रेस रैश न समझें

विशेषज्ञों के मुताबिक त्वचा पर रैश होने के पीछे एलर्जी, संक्रमण, दवाओं का रिएक्शन, ऑटोइम्यून समस्या या अन्य त्वचा रोग भी कारण हो सकते हैं। इसलिए अचानक या बार-बार होने वाले रैश को केवल एंग्जायटी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

अगर रैश के साथ सांस लेने में परेशानी, चेहरे या गले में सूजन, चक्कर या तेजी से बिगड़ते लक्षण दिखाई दें, तो तत्काल चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए।

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