सात दिनों में जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन की प्रक्रिया पूरी करें अस्पताल और क्लीनिक
www.healthbhaskar.com/रायपुर 27 अक्टूबर 2026.सरगुजा संभाग में जैव चिकित्सा अपशिष्ट के सुरक्षित निपटान और पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। संभाग के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों, क्लीनिकों तथा नर्सिंग होम को सात दिनों के भीतर जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
इसके तहत स्वास्थ्य संस्थानों को नियमानुसार प्राधिकार (ऑथराइजेशन) प्राप्त करने के साथ अधिकृत कॉमन बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी (CBWTF) से संबद्धता सुनिश्चित करनी होगी।
सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा ने अंबिकापुर स्थित कमिश्नर कार्यालय में आयोजित अंतरविभागीय बैठक में इस संबंध में निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों का पालन नहीं करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण कर कमियां दूर कराने के निर्देश
संभागायुक्त ने संभाग के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने जिलों में सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों में जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराएं। इसके लिए अस्पतालों, क्लीनिकों और नर्सिंग होम का नियमित निरीक्षण करने तथा व्यवस्था में मिलने वाली कमियों को तत्काल दूर कराने को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों से निकलने वाले जैव चिकित्सा अपशिष्ट का सुरक्षित संग्रहण और वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन जनस्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है। इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित संस्थानों को सात दिनों के भीतर आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। निर्देशों के पालन की नियमित समीक्षा भी की जाएगी।
अपशिष्ट संग्रहण में बाधा नहीं आने देने पर जोर
बैठक में जैव चिकित्सा अपशिष्ट के नियमित संग्रहण और निष्पादन की व्यवस्था निर्बाध बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। संभागायुक्त ने अधिकृत कॉमन बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी से संबंधित देयकों का भुगतान निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि भुगतान में देरी के कारण अपशिष्ट के संग्रहण और निष्पादन की व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। पर्यावरण प्रदूषण रोकने और आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए सभी संबंधित विभागों एवं स्वास्थ्य संस्थानों को आपसी समन्वय से काम करना होगा।
बैठक में कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के प्रतिनिधि, उपायुक्त (विकास) आर.के. खुटे, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ. कपिलदेव पैकरा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
