धुंधली नजर से साफ दुनिया तक, चिरायु ने कृष्णा की जिंदगी में लौटाई उम्मीद
www.healthbhaskar.com/रायपुर 06 अक्टूबर 2026. कभी आंखों के सामने धुंधला दिखाई देना, तो कभी रोजमर्रा के कामों में परेशानी। वार्ड क्रमांक 9 निवासी कृष्णा कहार के लिए आंखों की समस्या सामान्य जिंदगी में बड़ी चुनौती बन गई थी। परिवार भी बेटे की परेशानी को लेकर चिंतित था। इसी बीच चिरायु टीम की स्वास्थ्य जांच में कृष्णा की आंखों की समस्या की पहचान हुई और उसे समय पर उपचार की राह मिली।
चिरायु टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान कृष्णा की समस्या को पहचाना। इसके बाद उन्हें आवश्यक जांच और चिकित्सकीय परामर्श के लिए स्वास्थ्य संस्था भेजा गया। जांच के आधार पर उपचार शुरू हुआ। चिरायु योजना के तहत मिले मार्गदर्शन और स्वास्थ्य सुविधा से कृष्णा को आवश्यक उपचार मिल सका।
उपचार के बाद कृष्णा की दृष्टि में सुधार आया। अब वह पहले की तुलना में रोजमर्रा के काम अधिक सहजता से कर पा रहे हैं। परिवार के लिए यह केवल स्वास्थ्य में सुधार नहीं, बल्कि सामान्य जीवन की ओर लौटने की उम्मीद भी है।
समय पर मिली मदद से परिवार की चिंता हुई दूर
कृष्णा की माता लक्ष्मी बाई कहार ने स्वास्थ्य विभाग और चिरायु टीम के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि बेटे की आंखों की परेशानी को लेकर परिवार काफी चिंतित था। समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली।
कृष्णा की कहानी इस बात को रेखांकित करती है कि स्वास्थ्य समस्या की समय पर पहचान और उचित उपचार किसी व्यक्ति के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। चिरायु योजना के माध्यम से बच्चों और किशोरों में जन्मजात एवं गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान कर उन्हें जांच, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सेवा संकल्प अभियान की भावना से जुड़ी यह पहल बताती है कि स्वास्थ्य सेवाओं का वास्तविक लाभ तभी है, जब जरूरत के समय सही व्यक्ति तक पहुंचे। कृष्णा के मामले में समय पर हुई पहचान उपचार तक पहुंचने का माध्यम बनी और उपचार के बाद उनकी रोजमर्रा की जिंदगी फिर आसान हो गई।
