आंदोलन खत्म होने के बाद जेडीए ने तेज की मांगों के क्रियान्वयन की कवायद
www.healthbhaskar.com/रायपुर 01 अक्टूबर 2026. जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जेडीए), छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों में चलाया गया आंदोलन समाप्त होने के बाद अब संगठन ने अपनी मांगों के क्रियान्वयन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर पहल तेज कर दी है।
इसी क्रम में जेडीए के प्रतिनिधिमंडल ने आज आयुक्त चिकित्सा शिक्षा, संचालक चिकित्सा शिक्षा एवं संचालक स्वास्थ्य सेवाएं से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को आंदोलन के दौरान उठाई गई प्रमुख मांगों और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ हुई बैठक में बनी सहमति की जानकारी दी। जेडीए ने मांगों पर जल्द प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू करने और संबंधित प्रस्तावों को शीघ्र शासन स्तर पर भेजने का आग्रह किया।
जेडीए की प्रमुख मांगों में एमबीबीएस एवं पोस्ट पीजी बॉन्ड की अवधि कम करना, बॉन्ड से जुड़ी वेतन विसंगतियों का निराकरण, मॉर्गेज राशि समाप्त करना, सुपर स्पेशलिटी कैडर की स्थापना तथा इंटर्न, पीजी रेजिडेंट और बॉन्डेड चिकित्सकों के वेतनमान में सुधार शामिल हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रदेश के जूनियर चिकित्सकों ने जनहित और स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए आपसी सहमति के आधार पर आंदोलन समाप्त किया है। ऐसे में आंदोलन के दौरान बनी सहमति को अब ठोस प्रशासनिक आदेशों में बदलना जरूरी है, ताकि लंबित मांगों का स्थायी समाधान हो सके।
जेडीए ने अधिकारियों से मांगों पर प्राथमिकता के साथ कार्रवाई करने, क्रियान्वयन की प्रक्रिया में तेजी लाने और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने का अनुरोध किया। संगठन ने कहा कि वह चिकित्सकों के अधिकारों, सम्मान और बेहतर कार्य परिस्थितियों के लिए शासन-प्रशासन के साथ सकारात्मक संवाद जारी रखेगा।
जेडीए ने उम्मीद जताई कि स्वास्थ्य मंत्री के साथ बनी सहमति के अनुरूप शासन स्तर से जल्द लिखित आदेश जारी किए जाएंगे। संगठन के अनुसार इससे चिकित्सकों की लंबित मांगों के समाधान की दिशा में आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
