मोबाइल गेमिंग की लत ने ली तीन मासूमों की जान
Healthbhaskar.com: गाजियाबाद 05 फरवरी 2026। उत्तरप्रदेश राज्य के क्षेत्र में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ तीन नाबालिग बहनें मोबाइल गेमिंग की लत और उससे जुड़े पारिवारिक तनाव के चलते आत्महत्या कर बैठीं। यह घटना रात्रि लगभग 2:15 बजे हुई, जब निशिका (16 वर्ष), प्राची (14 वर्ष) और पाखी (12 वर्ष) ने अपने फ्लैट के नवम-मंज़िल से कूदकर अपनी जिंदगी समाप्त कर दी। पुलिस ने प्रथम दृष्टया इस घटना को ऑनलाइन गेमिंग और मोबाइल लत से जुड़ा पाया है।
क्या हुआ घटना के समय?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार तीनों बहनें रात में पूजा कक्ष में गयीं और वहां से एक स्टूल के सहारे खिड़की से नीचे कूद गयीं। पड़ोसियों ने गिरने की आवाज़ सुनी और तुरंत पुलिस को सूचना दी। तीनों बहनों को निकट स्थित 50-बेड अस्पताल, लोनि में ले जाया गया जहाँ सभी को मृत घोषित कर दिया गया।
मोबाइल गेमिंग लत का शक
पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में यह पता चला है कि बहनें कोरियन टास्क-आधारित ऑनलाइन गेम में अत्यधिक लिप्त थीं। परिवार ने मोबाइल फ़ोन पर उनकी गेमिंग गतिविधि पर कई बार रोक लगाई थी, जिसके बाद बहनों की मानसिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। पुलिस घटना स्थल से हस्तलिखित नोट और डायरी भी बरामद कर चुकी है जिसमें बहनों ने खुद को कोरियाई नामों से संबोधित करते हुए लिखा था कि वे कोरियन गेम नहीं छोड़ सकती है,और इसके लिए क्षमा भी माँगी थी।
शिक्षा और सामाजिक अलगाव
पुलिस ने यह भी बताया कि कोविड-19 महामारी के बाद से तीनों बहनें नियमित रूप से स्कूल नहीं जा रही थीं। लंबे समय से पढ़ाई छोड़ने और सामाजिक अलगाव के कारण उनमें मानसिक असंतुलन का असर दिखा। सबसे बड़ी किशोरी अभी भी कक्षा 4 में नामांकित थी, जो यह दर्शाता है कि शैक्षणिक जीवन में व्यवधान था।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जांच
पुलिस वर्तमान में मोबाइल फ़ोन में मौजूद डिजिटल साक्ष्यों, डायरी और हस्तलिखित नोट के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि गेम ने सीधे रूप से आत्महत्या के लिए उकसाया या अन्य मानसिक स्वास्थ्य कारण भी भूमिका निभा रहे हैं। परिवारिक पृष्ठभूमि और बहनों के मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति को भी ध्यान में रखकर विस्तृत जाँच की जा रही है।
समाज और माता-पिता के लिए चेतावनी
इस घटना ने यह गंभीर प्रश्न उठा दिया है कि आज के डिजिटल युग में बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य, ऑनलाइन गतिविधियों और मोबाइल गेमिंग के प्रति नियंत्रण कितना आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि माता-पिता को बच्चों की डिजिटल गतिविधि पर निगरानी रखनी चाहिए और उनके मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक, शैक्षणिक और भावनात्मक समर्थन देना चाहिए।
