छत्तीसगढ़ को मिले 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेज, 250 नई एमबीबीएस सीटों को एनएमसी की मंजूरी
www.healthbhaskar.com रायपुर 15 जुलाई 2026. छत्तीसगढ़ के लिए चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि सामने आई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश में 50-50 एमबीबीएस सीटों वाले पांच नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इन कॉलेजों के शुरू होने से राज्य में एक साथ 250 नई एमबीबीएस सीटों का विस्तार होगा।
इन जिलों में खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज
एनएमसी की स्वीकृति के अनुसार नए शासकीय मेडिकल कॉलेज जांजगीर-चांपा, गीदम (दंतेवाड़ा), कुनकुरी (जशपुर), मनेन्द्रगढ़ और कबीरधाम में स्थापित किए जाएंगे। इससे विशेष रूप से दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने ही प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का बेहतर अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास का ऐतिहासिक पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में स्वास्थ्य और शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा आधुनिक और समावेशी स्वास्थ्य तंत्र विकसित करना है, जहां प्रदेश का कोई भी युवा डॉक्टर बनने के अवसर से वंचित न रहे और लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।
डबल इंजन सरकार की पहल का परिणाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में लगातार विस्तार कर रही है। नए मेडिकल कॉलेजों से स्थानीय युवाओं को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा मिलेगी, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी और क्षेत्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी।
उन्होंने इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना का तेजी से विकास हो रहा है।
समयबद्ध तैयारियों के निर्देश
इस बीच संबंधित जिलों में मेडिकल कॉलेजों के संचालन की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। संबंधित जिलों के कलेक्टरों को आवश्यक अधोसंरचना, मानव संसाधन और अन्य व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कॉलेजों का संचालन सुचारू रूप से शुरू किया जा सके।
