मानसून में बढ़ा संक्रमण का खतरा, ताजा और स्वच्छ भोजन अपनाएं; विशेषज्ञ ने दी स्वास्थ्य संबंधी अहम सलाह
www.healthbhaskar.com रायपुर 15 जुलाई 2026. मानसून के आगमन से जहां भीषण गर्मी से राहत मिलती है, वहीं वातावरण में बढ़ी नमी और उमस के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। कृषि विज्ञान केन्द्र, रायगढ़ की आहार एवं पोषण विशेषज्ञ डॉ. मनीषा चौधरी ने लोगों से वर्षा ऋतु में खानपान और स्वच्छता को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
डॉ. चौधरी ने बताया कि बारिश के मौसम में बैक्टीरिया, वायरस और फफूंद तेजी से पनपते हैं, जिससे भोजन और पेय पदार्थ आसानी से दूषित हो जाते हैं। इसके कारण दस्त, फूड पॉइजनिंग, टाइफाइड, वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और अन्य संक्रमण होने की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि इस मौसम में ताजा, पौष्टिक, सुपाच्य और स्वच्छ भोजन का सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाए रखने के लिए जरूरी है।
इन खाद्य पदार्थों से करें परहेज
विशेषज्ञ ने तला-भुना, अत्यधिक मसालेदार और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी है। बासी भोजन, कटे हुए फल, खुले में मिलने वाले जूस, चाट, गोलगप्पे और अन्य स्ट्रीट फूड का सेवन नहीं करना चाहिए। पीने के लिए हमेशा उबला या फिल्टर किया हुआ स्वच्छ पानी ही उपयोग करें और घर में बना ताजा एवं अच्छी तरह पका भोजन ही खाएं।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए क्या खाएं
डॉ. चौधरी ने आहार में दालें, अंकुरित अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियां और विटामिन-सी से भरपूर फल जैसे आंवला, अमरूद और संतरा शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि करेला, मेथी, हल्दी, तुलसी और नीम जैसे प्राकृतिक खाद्य पदार्थ भी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होते हैं। साथ ही ग्रीन टी, हर्बल टी, गर्म सूप, खिचड़ी, दलिया और भुट्टे जैसे हल्के एवं सुपाच्य खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है।
स्वच्छता का रखें विशेष ध्यान
उन्होंने कहा कि भोजन को हमेशा ढककर रखें, फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर उपयोग करें तथा कच्चे और पके खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखें। रसोई और खाद्य पदार्थ रखने के स्थान की नियमित सफाई करें तथा फ्रिज में रखे भोजन को दोबारा खाने से पहले अच्छी तरह गर्म करें। बारिश में भीगने पर तुरंत सूखे और साफ कपड़े पहनें ताकि फंगल संक्रमण से बचा जा सके।
मच्छरों से बचाव भी जरूरी
डॉ. चौधरी ने घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील करते हुए कहा कि इससे मच्छरों का प्रजनन बढ़ता है और डेंगू, मलेरिया तथा चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने नियमित हल्का व्यायाम, योग और पर्याप्त नींद को भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी बताया।
लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से करें संपर्क
विशेषज्ञ ने सलाह दी कि यदि लगातार बुखार, उल्टी, दस्त या शरीर में पानी की कमी के लक्षण दिखाई दें तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें। उन्होंने कहा कि मानसून का आनंद तभी सुरक्षित है, जब स्वच्छ भोजन, सुरक्षित पेयजल, संतुलित आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए।
