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हृदय से मस्तिष्क तक सटीक जांच: अम्बेडकर अस्पताल रायपुर में सीटी एंजियोग्राफी की बड़ी सौगात

Healthbhaskar.comरायपुर 27  जनवरी , 2026। पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के रेडियोडायग्नोसिस विभाग में अब सीटी एंजियोग्राफी की अत्याधुनिक जांच सुविधा प्रारंभ हो गई है। इस सुविधा के शुरू होने से हृदय, मस्तिष्क, पेट, फेफड़े, हाथ-पैर सहित शरीर की प्रमुख रक्त वाहिकाओं से संबंधित गंभीर रोगों का शीघ्र, सटीक और विश्वसनीय निदान संभव हो सकेगा।

नॉन-इनवेसिव तकनीक से उन्नत जांच

नई सुविधा के अंतर्गत सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी, ब्रेन (सेरेब्रल), एब्डोमिनल, पेरिफेरल एवं पल्मोनरी एंजियोग्राफी की जांचें की जा रही हैं। यह सभी जांचें नॉन-इनवेसिव तकनीक पर आधारित हैं, जिससे मरीजों को पारंपरिक एंजियोग्राफी की तुलना में कम जोखिम और अधिक सुविधा मिलती है।

विगत सप्ताह 29 मरीजों को मिला लाभ

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, विगत सप्ताह विभिन्न रोगों से ग्रसित 29 मरीजों की सीटी एंजियोग्राफी जांच की गई, जिससे समय रहते उनकी बीमारी का सटीक आकलन कर उचित उपचार संभव हो पाया। यह सुविधा गंभीर रोगों में समय पर निर्णय लेने में चिकित्सकों के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध हो रही है।

सरकार की प्राथमिकता गुणवत्तापूर्ण इलाज- स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आम नागरिकों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती और अस्पतालों के उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

शीघ्र और विश्वसनीय निदान संभव- डॉ. संतोष सोनकर

अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि सीटी एंजियोग्राफी सुविधा के प्रारंभ होने से हृदय, मस्तिष्क, पेट, फेफड़े एवं अंगों की रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियों का तेजी से और अधिक सटीक निदान संभव हो सका है, जिससे मरीजों का त्वरित उपचार होगा।

गरीब, बुजुर्ग और भर्ती मरीजों को विशेष राहत

डॉ. सोनकर ने जानकारी दी कि गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले मरीजों एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों के लिए सभी जांचें निःशुल्क हैं।
वहीं एपीएल श्रेणी के मरीजों के लिए ओपीडी में सीटी स्कैन ₹1000 एवं एमआरआई ₹2000 की दर से उपलब्ध है, जबकि भर्ती एपीएल मरीजों को यह जांचें निःशुल्क प्रदान की जा रही हैं।

रेडियोडायग्नोसिस विभाग की तकनीकी जानकारी

रेडियोडायग्नोसिस विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक पात्रे ने बताया कि विभाग में उपलब्ध आधुनिक सीटी स्कैन मशीन एवं प्रेशर इंजेक्टर की सहायता से सभी जांचें निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि सीटी एंजियोग्राफी की प्रक्रिया सामान्यतः 15 से 20 मिनट में पूरी हो जाती है और मरीज को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होती।

कैथेटर के बिना सुरक्षित जांच

डॉ. पात्रे के अनुसार, सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी में कैथेटराइजेशन की आवश्यकता नहीं होती, जिससे यह जांच पारंपरिक एंजियोग्राफी की तुलना में अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक है। इसमें हृदय की कोरोनरी धमनियों में संकुचन या ब्लॉकेज का उच्च गुणवत्ता वाली 3D इमेजिंग के माध्यम से आकलन किया जाता है।

मस्तिष्क रोगों की सटीक पहचान

ब्रेन एंजियोग्राफी के माध्यम से स्ट्रोक, एन्यूरिज्म और एवीएम (AVM) जैसी गंभीर मस्तिष्कीय बीमारियों की सटीक जांच संभव हो पाती है। इस जांच में अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे मरीज जांच के बाद शीघ्र अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट सकता है।

 


 

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