बस्तर में स्वास्थ्य अभियान से लौटी 68 वर्षीय बुजुर्ग की आंखों की रोशनी, मिली नई जिंदगी
www.healthbhaskar.com/रायपुर 17 अक्टूबर 2026. छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान एक बुजुर्ग के जीवन में नई उम्मीद लेकर आया है। तोकापाल विकासखंड के ग्राम पंचायत छापरभानपुरी निवासी 68 वर्षीय सोमारू राम की दोनों आंखों की रोशनी मोतियाबिंद के कारण चली गई थी। वे चलने-फिरने के लिए लाठी का सहारा लेने और दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने को मजबूर थे। स्वास्थ्य विभाग की पहल से उनका सफल ऑपरेशन हुआ और अब उनकी आंखों की रोशनी लौट आई है।
स्वास्थ्य जांच से सामने आई बीमारी
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के तहत यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छापरभानपुरी में पदस्थ ऑप्थैल्मिक असिस्टेंट ऑफिसर सुदीप प्रमाणिक ने सोमारू राम की आंखों की जांच की। जांच में दोनों आंखों में मोतियाबिंद की पुष्टि हुई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें उपचार के लिए प्रेरित किया और आवश्यक परामर्श तथा रेफरल प्रक्रिया पूरी कराते हुए ऑपरेशन की व्यवस्था सुनिश्चित की।
अब आत्मनिर्भर होकर कर रहे अपने काम
सफल ऑपरेशन के बाद सोमारू राम की आंखों की रोशनी लौटने से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब वे बिना लाठी या किसी दूसरे के सहारे चल पा रहे हैं और अपने दैनिक कार्य स्वयं कर रहे हैं। इतना ही नहीं, वे अपने और अपने परिवार के लिए घर बनाने में जुटे हैं तथा खेती-किसानी के कामों में भी हाथ बंटा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से लौटा आत्मविश्वास
अपने जीवन में आए इस बदलाव से भावुक सोमारू राम ने कहा कि पहले उन्हें कुछ भी दिखाई नहीं देता था और हर काम के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। सफल उपचार ने उन्हें नई जिंदगी दी है। इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और शासन के प्रति आभार जताया।
यह मामला दर्शाता है कि समय पर स्वास्थ्य जांच, बीमारी की पहचान और उचित उपचार ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने और लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के प्रयासों से सोमारू राम जैसे लोगों को नई उम्मीद मिली है।
