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JNMMC रायपुर में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर भव्य सामूहिक गीत कार्यक्रम

Healthbhaskar.comरायपुर 15 जनवरी , 2026। पं. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज JNMMC, रायपुर द्वारा भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक भव्य सामूहिक गीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम श्री अटल बिहारी वाजपेयी ऑडिटोरियम में दोपहर 12:55 बजे संपन्न हुआ।

जनभागीदारी अभियान का अहम हिस्सा

यह आयोजन एक व्यापक जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत किया गया, जिसमें रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लगभग 3,000 स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों सहित लगभग पाँच लाख प्रतिभागियों ने सहभागिता की है । JNMMC के फैकल्टी सदस्यों, मेडिकल छात्रों और स्टाफ ने एक साथ राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का गायन कर राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया है।

गणमान्यजनों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में JNMMC के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक और शिक्षाविद उपस्थित रहे। मौजूद गणमान्य व्यक्तियों में मेडिसिन विभाग प्रमुख डॉ. देवप्रिया लकड़ा, ऑप्थल्मोलॉजी विभाग प्रमुख डॉ. निधि पांडे, पैथोलॉजी विभाग प्रमुख डॉ. राबिया परवीन सिद्दीकी,के साथ विभिन्न विभागों के फैकल्टी और स्टाफ सदस्य शामिल हुए थे।

छात्रों ने किया नेतृत्व

राष्ट्रीय गीत के सामूहिक गायन का नेतृत्व MBBS छात्राएं अदिति शुक्ला, सारा गुफरान और सैली मेरावी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान पोस्टग्रेजुएट रेजिडेंट डॉ. अमित बंजारा ने ‘वंदे मातरम’ के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

वंदे मातरम: इतिहास और प्रेरणा

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम’ पहली बार 1882 में उपन्यास ‘आनंदमठ’ में प्रकाशित हुआ था। यह गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान राष्ट्रभक्ति का प्रमुख स्वर बना और 1950 में संविधान सभा द्वारा इसे भारत का राष्ट्रीय गीत घोषित किया गया। यह गीत मातृभूमि के प्रति प्रेम, एकता और सम्मान का प्रतीक माना जाता है।

युवाओं में राष्ट्रभावना का संदेश

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, राष्ट्रीय जिम्मेदारी और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े मूल्यों को सुदृढ़ करना था। JNMMC प्रशासन ने विश्वास जताया कि इस तरह के आयोजन युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेंगे।

कार्यक्रम का सफल संचालन

कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं समन्वय पैथोलॉजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर एवं छात्र अनुभाग प्रभारी डॉ. वर्षा पांडे द्वारा किया गया, जिनके नेतृत्व में आयोजन सुव्यवस्थित और अनुशासित रूप से संपन्न हुआ।


 

 

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