लिवर डिजीज को न करें नजरअंदाज, शुरुआती लक्षणों को पहचानना जरूरी
लिवर शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, लेकिन इसकी बीमारी अक्सर शुरुआती दौर में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ती रहती है। यही कारण है कि कई लोग खुद को स्वस्थ समझते रहते हैं और जांच के दौरान फैटी लिवर, हेपेटाइटिस या लिवर में फाइब्रोसिस जैसी समस्या सामने आती है। समय पर पहचान और उपचार न मिलने पर लिवर डैमेज बढ़कर सिरोसिस जैसी गंभीर स्थिति तक पहुंच सकता है।
शुरुआती चरण में क्यों नहीं दिखते लक्षण?
लिवर की कई बीमारियों में शुरुआती दौर में लक्षण बेहद हल्के होते हैं या दिखाई ही नहीं देते। फैटी लिवर इसका प्रमुख उदाहरण है। इसमें लिवर की कोशिकाओं में अतिरिक्त वसा जमा होने लगती है। कुछ मामलों में थकान या पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में हल्की परेशानी महसूस हो सकती है, लेकिन कई लोगों में कोई खास संकेत नहीं मिलता।
अधिक वजन, मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, इंसुलिन रेजिस्टेंस, हाई ट्राइग्लिसराइड्स और मेटाबोलिक सिंड्रोम फैटी लिवर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। फैटी लिवर को हमेशा सामान्य समस्या मानकर छोड़ना ठीक नहीं है, क्योंकि कुछ मामलों में यह सूजन और फाइब्रोसिस का कारण बन सकता है।
हेपेटाइटिस भी बन सकता है गंभीर कारण
हेपेटाइटिस का अर्थ लिवर में सूजन है। हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई वायरस इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। खासतौर पर लंबे समय तक रहने वाला हेपेटाइटिस बी और सी क्रोनिक लिवर डिजीज, सिरोसिस और लिवर कैंसर के जोखिम से जुड़ा है।
हर मरीज में इसके लक्षण एक जैसे नहीं होते। कुछ लोगों में थकान, भूख कम लगना, मतली, उल्टी, पेट में परेशानी, गहरे रंग का पेशाब और पीलिया जैसे संकेत दिखाई दे सकते हैं।
शराब का अधिक सेवन भी नुकसानदायक
लंबे समय तक अधिक मात्रा में शराब का सेवन लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। शराब से संबंधित लिवर रोग में फैटी लिवर से लेकर लिवर में सूजन और सिरोसिस तक की स्थिति विकसित हो सकती है। इसलिए लगातार या अधिक शराब का सेवन करने वाले लोगों को लिवर की सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
सिरोसिस में बढ़ सकती हैं परेशानियां
सिरोसिस लिवर में लंबे समय तक होने वाली क्षति के बाद बनने वाला गंभीर स्कार टिश्यू है। शुरुआती सिरोसिस में भी कई बार लक्षण स्पष्ट नहीं होते। बीमारी बढ़ने पर लगातार थकान, कमजोरी, भूख कम होना, वजन घटना, त्वचा में खुजली, पेट या पैरों में सूजन, पेट में पानी भरना, आसानी से चोट या रक्तस्राव होना और भ्रम जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
- लगातार थकान या कमजोरी
- भूख कम लगना और बिना वजह वजन घटना
- पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द या असहजता
- त्वचा में लगातार खुजली
- पेट या पैरों में सूजन
- आंखों और त्वचा का पीला पड़ना
- पेशाब का रंग गहरा होना
लिवर की बीमारी को शुरुआती चरण में कई बार “साइलेंट” कहा जाता है, क्योंकि स्पष्ट लक्षण सामने आने से पहले ही लिवर में नुकसान शुरू हो सकता है। ऐसे में लगातार बने रहने वाले बदलावों को नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह और आवश्यक जांच कराना जरूरी है। समय पर पहचान और उपचार से बीमारी को आगे बढ़ने से रोकने में मदद मिल सकती है।
