कुपोषण के खिलाफ आईएमए और प्रशासन की पहल: 30 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण, 15 बच्चों के इलाज की जिम्मेदारी उठाई
www.healthbhaskar.com रायपुर 13 जुलाई 2026. छत्तीसगढ़ में कुपोषण मुक्त राज्य के लक्ष्य को लेकर जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की संयुक्त पहल से सारंगढ़ विकासखंड में विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत 30 कुपोषित बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जबकि 15 बच्चों के इलाज और पोषण की जिम्मेदारी आईएमए ने अपने स्तर पर उठाई है।
डॉक्टर्स डे पर सेवा का संकल्प
डॉक्टर्स डे के अवसर पर आईएमए की जिला इकाई ने ग्राम छुहीपाली के 15 कुपोषित बच्चों को गोद लेने का निर्णय लिया। आईएमए के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम इन बच्चों के उपचार, आवश्यक दवाइयों और विशेष पोषण आहार का पूरा खर्च वहन करेगी।
30 बच्चों की जांच, गंभीर बच्चों को NRC भेजने की सलाह
सारंगढ़ विकासखंड में आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर में ग्राम छुहीपाली सहित विभिन्न क्षेत्रों के 30 कुपोषित बच्चों की विस्तृत स्वास्थ्य जांच की गई। जिला चिकित्सालय की शिशु रोग विशेषज्ञ ने बच्चों का परीक्षण किया। जिन बच्चों में गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) के लक्षण पाए गए, उन्हें बेहतर उपचार और निगरानी के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती कराने की सलाह दी गई।
लगातार होगी निगरानी
अभियान के तहत बच्चों की नियमित निगरानी के लिए कार्ययोजना भी बनाई गई है। स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रत्येक सप्ताह बच्चों के वजन और शारीरिक विकास की निगरानी करेंगी। एक माह बाद स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा आईएमए की संयुक्त टीम दोबारा स्वास्थ्य परीक्षण कर बच्चों की प्रगति का आकलन करेगी।
कई विभागों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
इस अभियान को सफल बनाने में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO), ईएनटी विशेषज्ञ, जन औषधि केंद्र, आशा निकेतन तथा एकीकृत बाल विकास परियोजना के अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रशासन का कहना है कि कुपोषण के खिलाफ यह अभियान केवल सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता का भी उदाहरण है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रशासन के समन्वित प्रयास से बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य और पोषण उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
