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एम्स रायपुर के नवनियुक्त अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. बी.के. जैन का तीन दिवसीय दौरा: स्वास्थ्य सेवाओं में नई दिशा देने का संकल्प

Healthbhaskar.comरायपुर, 21 सितम्बर 2025  अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर में हाल ही में नवनियुक्त अध्यक्ष, प्रख्यात नेत्र रोग विशेषज्ञ और समाज सुधारक पद्मश्री डॉ. बुधेंद्र कुमार जैन का स्वागत बड़े उत्साह के साथ किया गया। 18 से 20 सितंबर 2025 तक चले उनके तीन दिवसीय दौरे ने न केवल संस्थान की कार्यप्रणाली को नई गति प्रदान की, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य को लेकर भी एक ठोस दृष्टिकोण सामने रखा गया।

डॉ. जैन का स्वागत एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अशोक जिंदल ने किया। संस्थान के चिकित्सकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका हार्दिक अभिनंदन किया और उनसे भविष्य की योजनाओं को लेकर विस्तृत संवाद स्थापित किया।

ग्रामीण स्वास्थ्य और नेत्र देखभाल के अग्रदूत

डॉ. बी.के. जैन को ग्रामीण भारत में नेत्र देखभाल और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने के लिए जाना जाता है। मध्य प्रदेश के चित्रकूट स्थित सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय और जानकीकुंड चिकित्सालय को उन्होंने सामुदायिक नेत्र विज्ञान के वैश्विक मॉडल के रूप में विकसित किया। उनके नेतृत्व में हर साल लाखों नेत्र शल्य चिकित्साएँ सफलतापूर्वक की जाती हैं। डॉ. जैन के प्रयासों से हजारों ग्रामीण और पिछड़े इलाकों के लोग गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं से लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने केवल नेत्र देखभाल तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, कृषि और ग्रामीण विकास को भी अपनी प्राथमिकता बनाया है।

सम्मान और उपलब्धियाँ

पद्मश्री सम्मान (2025) के साथ ही डॉ. जैन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। इनमें AIOS लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, ग्लोरी ऑफ इंडिया अवार्ड, स्पिरिट ऑफ ह्यूमैनिटी अवार्ड और हिप्पोक्रेट्स लिगेसी अवार्ड (2025) शामिल हैं। इन सम्मानों ने यह स्पष्ट किया है कि उनका जीवन केवल चिकित्सा सेवा तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग तक स्वास्थ्य और जागरूकता पहुँचाने का एक व्यापक अभियान है।

एम्स रायपुर दौरे के मुख्य आकर्षण

तीन दिवसीय दौरे के दौरान डॉ. जैन ने एम्स रायपुर के कई प्रमुख विभागों का अवलोकन किया। उन्होंने ट्रॉमा एवं इमरजेंसी, क्रिटिकल केयर, ऑर्थोपेडिक्स और जनरल सर्जरी विभागों में जाकर मरीजों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को समझा। उन्हें आपातकालीन देखभाल के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए अभिनव “भीष्म क्यूब्स” के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही उन्होंने सिमुलेशन लैब का निरीक्षण किया और रोगी सुरक्षा समिति द्वारा तैयार की गई पुस्तिका का विमोचन भी किया तथा 19 सितंबर 2025 को डॉ. जैन ने कई नई सुविधाओं का उद्घाटन किया, जिसमे रीनल ट्रांसप्लांट सुविधा,बाल चिकित्सा सर्जरी एवं नेत्र रोग वार्ड,नेत्र रोग और नेफ्रोलॉजी ओपीडी ,दंत चिकित्सा में कोन बीम कंप्यूटेड टोमोग्राफी (CBCT) इकाई शामिल है। इन सुविधाओं के शुरू होने से छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध होंगी।

भविष्य की दिशा पर चर्चा

डॉ. जैन ने संस्थान की सामान्य निकाय बैठक और संकाय सदस्यों के साथ संवाद करते हुए एम्स रायपुर के आने वाले वर्षों का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संस्थान को न केवल चिकित्सा के क्षेत्र में, बल्कि अनुसंधान और नवाचार में भी अग्रणी बनाना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एम्स रायपुर देश के आदर्श चिकित्सा संस्थानों में शामिल होने की क्षमता रखता है और इसके लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।

सेवा और समर्पण का दर्शन

डॉ. जैन का जीवनदर्शन आत्म-अनुशासन, करुणा और सेवा पर आधारित है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का मूल उद्देश्य केवल इलाज नहीं बल्कि समाज में विश्वास और उम्मीद जगाना होना चाहिए। उनकी मानवीय दृष्टि ने हजारों लोगों को मोतियाबिंद जैसी समस्याओं से मुक्ति दिलाई है और यह प्रयास सरकारी नीतियों के लिए भी प्रेरणा बन गया है।डॉ. बी.के. जैन का दृष्टिकोण और अनुभव आने वाले समय में छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

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