चिरायु योजना से जन्मजात समस्या का इलाज, अयान, अंजलि और सविता के चेहरों पर लौटी मुस्कान
www.healthbhaskar.com/रायपुर 27 सितम्बर 2026. दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले तीन बच्चों के लिए चिरायु योजना राहत और नई उम्मीद लेकर आई है। बीजापुर जिले के गंगालूर, इशूलनार और तोड़का गांव के रहने वाले अयान, अंजलि और सविता जन्मजात कटे होंठ की समस्या से प्रभावित थे। चिरायु टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान बच्चों की पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ उपचार के लिए रायपुर भेजा, जहां उनका नि:शुल्क उपचार कराया गया।
गंगालूर निवासी संतोष साहनी के करीब सवा साल के बेटे अयान के जन्म से ही होंठ कटे हुए थे। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिरायु टीम ने समस्या की पहचान की। आवश्यक जांच और प्रक्रिया पूरी होने के बाद अयान को रायपुर के श्री मेडिशाइन अस्पताल भेजा गया, जहां उसका सफल उपचार हुआ। बेटे के उपचार के बाद परिवार की चिंता कम हुई और उसके बेहतर भविष्य की उम्मीद मजबूत हुई।
इसी तरह इशूलनार निवासी आठ वर्षीय अंजलि हापका भी जन्मजात कटे होंठ की समस्या से प्रभावित थी। चिरायु टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान उसे चिन्हांकित किया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर विशेषज्ञ उपचार के लिए रायपुर भेजा। यहां चिकित्सकों की देखरेख में उसका उपचार किया गया। बेटी के इलाज के बाद उसके पिता सुखमा हापका को भी बड़ी राहत मिली।
तोड़का गांव की तीन वर्षीय सविता ताती को भी चिरायु टीम ने इसी समस्या के चलते चिन्हित किया। उसके पिता बीजू ताती की चिंता भी उपचार के बाद कम हुई। सविता का रायपुर के श्री मेडिशाइन अस्पताल में सफल उपचार कराया गया।
जन्मजात समस्याओं की पहचान और उपचार
चिरायु योजना के तहत बच्चों में जन्मजात समस्याओं के साथ-साथ बीमारियों, पोषण संबंधी कमियों और विकास संबंधी समस्याओं की पहचान की जाती है। जरूरत के अनुसार बच्चों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
अयान, अंजलि और सविता के उपचार से उनके परिवारों को न केवल आर्थिक राहत मिली, बल्कि बच्चों के स्वस्थ और बेहतर भविष्य की उम्मीद भी मजबूत हुई है। दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में ऐसे प्रयास परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।
