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दोपहर में सोने के बाद क्यों होने लगता है सिरदर्द? जानिए 5 बड़े कारण

हेल्थ डेस्क। दोपहर में खाना खाने के बाद 10 से 20 मिनट की छोटी झपकी शरीर और दिमाग को आराम देने के साथ थकान कम करने में मदद कर सकती है। लेकिन कुछ लोगों को उठते ही सिरदर्द, भारीपन या सुस्ती महसूस होने लगती है। इसके पीछे ज्यादा देर तक सोना, अचानक गहरी नींद से जागना, शरीर में पानी की कमी और गलत स्लीपिंग पोजीशन समेत कई कारण हो सकते हैं।

ज्यादा देर की नींद बन सकती है वजह

दोपहर की नींद अगर जरूरत से ज्यादा लंबी हो जाए तो व्यक्ति गहरी नींद के चरण में पहुंच सकता है। इस दौरान अचानक जागने पर स्लीप इनर्शिया यानी नींद से पूरी तरह बाहर आने में समय लगने की स्थिति हो सकती है। इससे कुछ लोगों को सिर भारी या असहज महसूस हो सकता है। एक अध्ययन में 5, 10, 20 और 30 मिनट की झपकी की तुलना की गई थी, जिसमें 30 मिनट की नींद के बाद शुरुआती समय में स्लीप इनर्शिया और प्रदर्शन में कमी अधिक देखी गई।

पानी की कमी से भी हो सकता है सिरदर्द

सुबह से पर्याप्त पानी नहीं पीने पर दोपहर तक शरीर में हल्का डिहाइड्रेशन हो सकता है। गर्मी, ज्यादा पसीना आने या कम पानी पीने की स्थिति में नींद से उठने के बाद सिरदर्द ज्यादा महसूस हो सकता है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है।

खाली पेट या भोजन का अंतर भी असर डालता है

लंबे समय तक खाना न खाने या भोजन के बीच ज्यादा अंतर होने पर भी कुछ लोगों को सिरदर्द हो सकता है। दोपहर में सोने से पहले बहुत देर से खाना या भोजन का असंतुलित पैटर्न भी परेशानी बढ़ा सकता है। इसलिए नियमित अंतराल पर संतुलित भोजन लेना बेहतर माना जाता है।

गलत पोजीशन और माइग्रेन भी कारण

सोते समय गर्दन लंबे समय तक गलत एंगल पर रहने से गर्दन और कंधों की मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है, जिसका असर सिरदर्द के रूप में महसूस हो सकता है। वहीं माइग्रेन से परेशान लोगों में नींद के पैटर्न में बदलाव भी सिरदर्द को ट्रिगर कर सकता है।

कितनी देर की झपकी बेहतर?

दोपहर में 10 से 20 मिनट की छोटी झपकी कई लोगों के लिए तरोताजा महसूस करने में मददगार हो सकती है। अगर नींद के बाद सिरदर्द लगातार हो रहा है, बार-बार बढ़ रहा है या इसके साथ अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो इसे सामान्य थकान मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।

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