जशपुर में शुरू हुई एमबीबीएस की पढ़ाई, पहले चरण में 41 विद्यार्थियों ने लिया दाखिला
www.healthbhaskar.com/रायपुर 15 सितम्बर 2026. आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में चिकित्सा शिक्षा के नए दौर की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और प्रयासों से शैक्षणिक सत्र 2026-27 से जशपुर में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है। मेडिकल कॉलेज की स्वीकृत 50 सीटों में से पहले चरण में 41 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जबकि बाकी सीटों के लिए दूसरे चरण की प्रक्रिया जारी है।
मेडिकल कॉलेज की 50 सीटों में 42 राज्य कोटा, 7 केंद्रीय कोटा और 1 सीट सेंट्रल पूल के तहत भरी जाएगी। मेडिकल शिक्षा शुरू होने से स्थानीय विद्यार्थियों को अपने जिले में डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही जशपुर और आसपास के इलाकों में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की उम्मीद भी बढ़ी है।
झारगांव पॉलीटेक्निक में चल रही कक्षाएं
मेडिकल कॉलेज के स्थायी परिसर के निर्माण तक झारगांव स्थित पॉलीटेक्निक कॉलेज भवन में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पढ़ाई कराई जा रही है। विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल की व्यवस्था भी की गई है।
प्रयोगात्मक एवं व्यावहारिक अध्ययन के लिए जिला चिकित्सालय में आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। मेडिकल कॉलेज का प्रशासनिक कार्यालय जिला चिकित्सालय के पास निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर अस्पताल भवन में संचालित किया जाएगा। कॉलेज संचालन के लिए प्रोफेसर के 14, एसोसिएट प्रोफेसर के 20 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 25 पदों समेत अन्य पदों की स्वीकृति दी गई है।
चराईडांड में बनेगा 359 करोड़ का स्थायी परिसर
कुनकुरी के चराईडांड में मेडिकल कॉलेज का स्थायी परिसर विकसित किया जाएगा। इसके लिए 359 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। परिसर के साथ 220 बिस्तरों की क्षमता वाले अत्याधुनिक अस्पताल का निर्माण भी प्रगति पर है।
स्थायी भवन और अस्पताल तैयार होने के बाद जिले में चिकित्सा शिक्षा के साथ विशेषज्ञ उपचार की सुविधाओं को भी मजबूती मिलेगी। स्थानीय लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में कई परियोजनाओं पर काम
जशपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए कई परियोजनाएं भी चल रही हैं। फरसाबहार क्षेत्र में सत्य साईं ट्रस्ट के सहयोग से मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण जारी है। गिनाबहार में 50 बिस्तरों के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य यूनिट का काम चल रहा है। इसके अलावा नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज और नेचुरोपैथी सेंटर का निर्माण भी किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज की शुरुआत, स्थायी परिसर और अस्पताल निर्माण से जशपुर में चिकित्सा शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
