महिलाओं के लिए भी फायदेमंद हो सकता है क्रिएटिन, मांसपेशियों से लेकर ब्रेन हेल्थ तक में संभावित लाभ
क्रिएटिन अब सिर्फ जिम जाने वाले पुरुषों तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं के बीच भी इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। वैज्ञानिक शोधों में क्रिएटिन के संभावित लाभों को लेकर खासकर नियमित व्यायाम करने वाली और मेनोपॉज के बाद की महिलाओं पर अध्ययन किए जा रहे हैं।
क्रिएटिन शरीर में प्राकृतिक रूप से बनने वाला एक कंपाउंड है, जो मांसपेशियों और मस्तिष्क में ऊर्जा उत्पादन के लिए जरूरी एटीपी (ATP) के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
3 से 5 ग्राम प्रतिदिन सामान्यतः सुरक्षित
उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाणों के अनुसार, स्वस्थ महिलाओं में क्रिएटिन मोनोहाइड्रेट की 3 से 5 ग्राम प्रतिदिन की मात्रा सामान्यतः सुरक्षित मानी जाती है। हालांकि, गंभीर किडनी या लिवर संबंधी बीमारी सहित किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही महिलाओं को डॉक्टर की सलाह के बिना क्रिएटिन नहीं लेना चाहिए।
मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने में मदद
क्रिएटिन मांसपेशियों को अधिक ऊर्जा उपलब्ध कराने में मदद करता है, जिससे स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और अन्य हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज के दौरान प्रदर्शन बेहतर हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, क्रिएटिन लेने से महिलाएं अपने आप बॉडीबिल्डर जैसी नहीं बन जातीं। इसका मुख्य प्रभाव मांसपेशियों की ऊर्जा और प्रदर्शन से जुड़ा है।
उम्र बढ़ने पर मांसपेशियों को बनाए रखने में सहायक
उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं में मांसपेशियों की मात्रा और ताकत धीरे-धीरे कम हो सकती है। मेनोपॉज के बाद यह प्रक्रिया अधिक तेज हो सकती है। शोधों के अनुसार, क्रिएटिन और रेजिस्टेंस ट्रेनिंग का संयोजन मांसपेशियों की ताकत और शारीरिक कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद कर सकता है।
ब्रेन हेल्थ के लिए भी संभावित फायदा
क्रिएटिन का उपयोग केवल मांसपेशियों तक सीमित नहीं है। मस्तिष्क को भी ऊर्जा उत्पादन के लिए क्रिएटिन सिस्टम की आवश्यकता होती है। कुछ शोधों में मानसिक थकान, याददाश्त और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता पर संभावित लाभ देखे गए हैं। हालांकि, इस क्षेत्र में अभी और बड़े एवं मजबूत क्लिनिकल अध्ययनों की जरूरत है।
हड्डियों के स्वास्थ्य को मिल सकता है समर्थन
मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन का स्तर कम होने से महिलाओं में बोन डेंसिटी घटने का जोखिम बढ़ सकता है। कुछ शोधों से संकेत मिलता है कि क्रिएटिन को स्ट्रेंथ एक्सरसाइज के साथ लेने से मांसपेशियों की ताकत में सुधार के माध्यम से हड्डियों के स्वास्थ्य को अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है। हालांकि, क्रिएटिन ऑस्टियोपोरोसिस की दवा का विकल्प नहीं है।
एक्सरसाइज के बाद रिकवरी में मदद
कठिन व्यायाम के बाद मांसपेशियों में थकान और दर्द हो सकता है। कुछ अध्ययनों के अनुसार, क्रिएटिन मांसपेशियों की रिकवरी में मदद कर सकता है और व्यायाम से होने वाले मसल डैमेज के कुछ संकेतकों को कम कर सकता है।
हेल्दी एजिंग में भी भूमिका
बढ़ती उम्र में मांसपेशियों की ताकत और शारीरिक क्षमता बनाए रखना बेहद जरूरी है। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ क्रिएटिन कुछ लोगों के लिए अतिरिक्त पोषण सहायता के रूप में उपयोगी हो सकता है। हालांकि, इसके प्रभाव व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य, आहार और व्यायाम की दिनचर्या पर निर्भर कर सकते हैं।
- क्रिएटिन लेते समय रखें इन बातों का ध्यान
- प्रमाणित और भरोसेमंद उत्पाद का ही इस्तेमाल करें।
- सामान्यतः 3–5 ग्राम प्रतिदिन की मात्रा से अधिक लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।
- पर्याप्त पानी पीना और संतुलित आहार लेना जरूरी है।
- नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के साथ इसका लाभ अधिक उपयोगी हो सकता है।
- किसी पुरानी बीमारी या दवा के सेवन की स्थिति में डॉक्टर से सलाह लें।
- हर महिला के लिए जरूरी नहीं क्रिएटिन
विशेषज्ञों के अनुसार, क्रिएटिन हर महिला के लिए आवश्यक सप्लीमेंट नहीं है। इसका उपयोग व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य, आहार और व्यायाम की जरूरत के आधार पर तय किया जाना चाहिए। साथ ही, क्रिएटिन को स्टेरॉयड समझना सही नहीं है।
