छत्तीसगढ़ में तंबाकू नियंत्रण को लेकर सख्ती, कोटपा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
www.healthbhaskar.com/रायपुर ,14 अगस्त 2026. छत्तीसगढ़ में तंबाकू के सेवन पर रोक लगाने और इसके दुष्प्रभावों से लोगों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ जनभागीदारी और बहुक्षेत्रीय समन्वय पर जोर दिया है। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) के तहत गुरुवार को स्वास्थ्य भवन, नवा रायपुर में ‘सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003’ (कोटपा) के प्रभावी पालन को लेकर एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला की अध्यक्षता स्वास्थ्य सेवाओं के अपर संचालक इंद्रजीत बर्मन ने की। इस दौरान मुंबई से पहुंचीं वाइटल स्ट्रैटजीज की मुख्य वक्ता डॉ. चंद्रावली मदान ने तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य नुकसान और लोगों को तंबाकू उत्पादों से दूर रखने के उपायों की जानकारी दी।
वाइटल स्ट्रैटजीज की डॉ. हंसा कंडू ने राज्य में तंबाकू नियंत्रण कानून को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न विभागों और संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रशिक्षण के दौरान नाबालिगों तक तंबाकू उत्पादों की पहुंच रोकने और कम उम्र में तंबाकू सेवन की शुरुआत को नियंत्रित करने के उपायों पर विशेष चर्चा हुई।
कार्यशाला में तंबाकू मुक्त समुदाय, तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान और तंबाकू मुक्त गांव बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई। साथ ही जिला स्तर पर एमआईएस की प्रगति और उसके नियमित अपडेट पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को कोटपा के प्रावधानों के प्रभावी पालन तथा मैदानी स्तर पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की जानकारी दी गई।
अपर संचालक इंद्रजीत बर्मन ने कहा कि राज्य में तंबाकू के उपयोग को कम करने के लिए जागरूकता अभियान के साथ-साथ वैधानिक प्रावधानों का सख्ती से पालन जरूरी है। उन्होंने विभागीय समन्वय और मैदानी निगरानी को और मजबूत करने पर जोर दिया।
प्रशिक्षण में जिला स्तर से जिला नोडल अधिकारी (एनटीसीपी), जिला सलाहकार, सामाजिक कार्यकर्ता, दंत शल्य चिकित्सक, दंत चिकित्सक, खाद्य एवं औषधि विभाग के प्रतिनिधि तथा जिला एनजीओ सहयोगियों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य तंबाकू के हानिकारक प्रभावों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ तंबाकू उत्पादों की उपलब्धता, आपूर्ति और उपयोग को कम करने के लिए मैदानी अमले की क्षमता को मजबूत करना रहा।
स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य कानून के सख्त पालन, विभागीय समन्वय और जनभागीदारी के जरिए छत्तीसगढ़ में तंबाकू मुक्त वातावरण तैयार करना है।
