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चिकित्सा शिक्षा संचालनालय में गैर-चिकित्सकीय अधिकारी की नियुक्ति का JDA ने किया विरोध, आदेश वापस लेने की मांग

www.healthbhaskar.com रायपुर 13 जुलाई 2026. जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) छत्तीसगढ़ ने चिकित्सा शिक्षा संचालनालय में अपर संचालक (चिकित्सा शिक्षा) के पद पर राज्य प्रशासनिक सेवा के एक गैर-चिकित्सकीय अधिकारी की नियुक्ति का कड़ा विरोध किया है। संगठन ने राज्य शासन से 7 जुलाई 2026 को जारी नियुक्ति आदेश पर पुनर्विचार करते हुए इसे निरस्त करने और इस पद पर वरिष्ठ एवं योग्य चिकित्सक की नियुक्ति करने की मांग की है।

JDA का कहना है कि चिकित्सा शिक्षा एक अत्यंत तकनीकी और विशेषज्ञता आधारित क्षेत्र है, जहां लिए जाने वाले नीतिगत और प्रशासनिक निर्णय मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा शिक्षकों, रेजिडेंट डॉक्टरों, इंटर्न चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सीधा प्रभाव डालते हैं। ऐसे में शीर्ष तकनीकी पदों पर अनुभवी चिकित्सकों की नियुक्ति आवश्यक है।

संगठन के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) से मान्यता, फैकल्टी की उपलब्धता और चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं, जिनका प्रभावी समाधान चिकित्सा क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव रखने वाले विशेषज्ञ ही बेहतर ढंग से कर सकते हैं।

JDA की प्रमुख मांगें

अपर संचालक (चिकित्सा शिक्षा) के पद पर योग्य एवं वरिष्ठ चिकित्सक की नियुक्ति की जाए।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के सभी तकनीकी एवं शीर्ष पदों पर चिकित्सा विशेषज्ञों को प्राथमिकता दी जाए।
7 जुलाई 2026 को जारी नियुक्ति आदेश पर पुनर्विचार कर उसे निरस्त किया जाए।
भविष्य में चिकित्सा शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले चिकित्सक संगठनों और विषय विशेषज्ञों से व्यापक परामर्श किया जाए।
क्या बोले JDA पदाधिकारी

JDA छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रेशम सिंह ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का नेतृत्व ऐसे अनुभवी चिकित्सकों के हाथों में होना चाहिए, जिन्हें चिकित्सा शिक्षा, अस्पताल प्रबंधन और क्लीनिकल कार्यप्रणाली का गहरा अनुभव हो। उन्होंने राज्य शासन से चिकित्सा शिक्षा के हित में इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की।

प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार यादव ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा केवल प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि चिकित्सा विज्ञान, अकादमिक उत्कृष्टता और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से जुड़ा क्षेत्र है। उन्होंने आशंका जताई कि शीर्ष तकनीकी पदों पर गैर-चिकित्सकीय अधिकारियों की नियुक्ति से नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

JDA ने कहा है कि यदि इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीकों से आगे की रणनीति तय करेगा।

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