”चिरायु’ योजना बनी मासूम त्रिशांत के लिए जीवनदान, जन्मजात हृदय रोग का हुआ सफल निःशुल्क ऑपरेशन
www.healthbhaskar.com रायपुर 13 जुलाई 2026. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत संचालित ‘चिरायु योजना’ ने धमतरी जिले के 10 वर्षीय त्रिशांत यादव को नया जीवन दिया है। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान जन्मजात हृदय रोग (CHD) की समय पर पहचान होने के बाद बच्चे का रायपुर में सफल निःशुल्क ऑपरेशन कराया गया। अब वह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है।
स्कूल स्वास्थ्य जांच में सामने आई गंभीर बीमारी
धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम सिंधौरीखुर्द निवासी त्रिशांत यादव के स्कूल में आयोजित नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिरायु टीम के चिकित्सकों ने उसके हृदय की धड़कनों में असामान्यता महसूस की। प्राथमिक जांच के बाद परिजनों को तत्काल उच्च स्तरीय जांच कराने की सलाह दी गई।
जिला अस्पताल से रायपुर तक हुआ त्वरित रेफरल
चिरायु टीम ने परिजनों की सहमति के बाद बच्चे को जिला अस्पताल धमतरी भेजा, जहां विशेषज्ञों ने जन्मजात हृदय रोग की पुष्टि की। इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के मार्गदर्शन में रेफरल की सभी प्रक्रियाएं पूरी कर बच्चे को रायपुर के एमएमआई अस्पताल में भर्ती कराया गया।
8 जुलाई 2026 को विशेषज्ञ चिकित्सकों ने त्रिशांत के हृदय का सफल ऑपरेशन किया। वर्तमान में बच्चा स्वस्थ है और चिकित्सकीय निगरानी में तेजी से सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है।
पहचान से उपचार तक निभाई पूरी जिम्मेदारी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, चिरायु टीम ने बीमारी की पहचान, परिजनों को परामर्श, रेफरल, उपचार और ऑपरेशन के बाद फॉलो-अप तक पूरी प्रक्रिया का समन्वय किया। इससे परिवार को इलाज के दौरान किसी प्रकार की आर्थिक या प्रशासनिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
परिवार ने जताया आभार
त्रिशांत के माता-पिता ने बताया कि उन्हें पहले बच्चे की बीमारी की जानकारी नहीं थी और महंगा इलाज कराना उनकी आर्थिक क्षमता से बाहर था। उन्होंने कहा कि चिरायु टीम की समय पर पहचान और निःशुल्क उपचार से उनके बेटे को नया जीवन मिला है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत संचालित चिरायु योजना बच्चों में जन्मजात विकारों और गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान कर उन्हें निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रही है।
