जिला अस्पताल में उपचार पर उठे सवाल, चार डॉक्टरों सहित नौ पर कार्रवाई
दुर्ग। जिला अस्पताल दुर्ग में सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित 20 वर्षीय युवती दीपिका गाड़ा की उपचार के दौरान हुई मौत के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर चार डॉक्टरों सहित कुल नौ स्वास्थ्यकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जानकारी के अनुसार, गंभीर अवस्था में भर्ती दीपिका गाड़ा को उपचार के दौरान तत्काल रक्त की आवश्यकता थी।
परिजनों का आरोप है कि समय पर पर्याप्त रक्त उपलब्ध नहीं हो सका और उपचार में देरी होने से उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की जांच में प्रारंभिक स्तर पर लापरवाही के संकेत मिलने पर सिविल सर्जन डॉ. आशीष मिज, डॉ. शनि, डॉ. तृप्ति और डॉ. निखिल अग्रवाल सहित तीन स्टाफ नर्स तथा दो लैब टेक्नीशियन को नोटिस जारी किया गया है।
सभी संबंधित कर्मचारियों को दो दिनों के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जवाब प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली, रक्त उपलब्धता व्यवस्था और गंभीर मरीजों के उपचार प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
