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डोमिसाइल पर शिकायत मिली तो होगी गंभीरता से जांच, फर्जीवाड़ा मिला तो प्रवेश होगा निरस्त

www.healthbhaskar.com/रायपुर 25 अगस्त 2026. छत्तीसगढ़ के चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि प्रदेश के बच्चों के हितों के साथ किसी भी तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मेडिकल कॉलेजों और MBBS सीटों में बढ़ोतरी का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डोमिसाइल को लेकर यदि कहीं कोई शिकायत या शंका सामने आती है तो उसकी गंभीरता से जांच कराई जाएगी।

मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि काउंसलिंग व्यवस्था को पारदर्शी और पुख्ता बनाया गया है। जिन अभ्यर्थियों के दस्तावेज सही हैं, उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। वहीं नियमों के उल्लंघन या फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर किसी भी स्थिति में कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों ने कड़ी मेहनत की है और उनके भविष्य तथा अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।

ऑनलाइन माध्यम से हो रही नीट यूजी काउंसलिंग

नीट यूजी प्रवेश वर्ष 2026 की राज्य स्तरीय काउंसलिंग की प्रक्रिया पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी निर्धारित प्रवेश नियमों के अनुसार ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है। राज्य काउंसलिंग समिति ने अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

नियम 7 के तहत मूल दस्तावेजों का सत्यापन

छत्तीसगढ़ चिकित्सा, दंत चिकित्सा एवं भौतिक चिकित्सा (फिजियोथेरेपी) स्नातक प्रवेश नियम, 2025 के नियम 7 के तहत ऑनलाइन काउंसलिंग में पंजीयन, प्राथमिकता क्रम, सीट आवंटन, मूल दस्तावेजों की संवीक्षा और प्रवेश की प्रक्रिया शामिल है।

पात्रता परीक्षण के दौरान मूल निवासी प्रमाण-पत्र, श्रेणी/संवर्ग संबंधी प्रमाण-पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी। सीट आवंटन के बाद अभ्यर्थी द्वारा मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने और सत्यापन में पात्र पाए जाने के बाद ही प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी।

गलत जानकारी देने पर प्रवेश हो सकता है निरस्त

प्रवेश नियमों के नियम 12 में प्रावधान है कि यदि किसी अभ्यर्थी ने झूठी अथवा गलत जानकारी देकर या महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर प्रवेश प्राप्त किया है, तो उसका प्रवेश नियमानुसार निरस्त किया जा सकता है। इसी तरह प्रवेश के बाद किसी त्रुटि या चूक के कारण अपात्र अभ्यर्थी को प्रवेश मिलने की स्थिति में भी कार्रवाई की जा सकती है।

मूल निवासी प्रमाण-पत्र या अन्य दस्तावेजों को लेकर शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अफवाहों पर ध्यान न दें, पोर्टल पर दर्ज करें शिकायत

राज्य काउंसलिंग समिति ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे काउंसलिंग से संबंधित किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करें। किसी शंका, समस्या या शिकायत की स्थिति में अधिकृत काउंसलिंग पोर्टल के Candidate Login में उपलब्ध “Candidates Grievances and Query Redressal System” के माध्यम से शिकायत दर्ज की जा सकती है।

इसके अलावा अभ्यर्थी काउंसलिंग शाखा के ई-मेल cgdme.counseling@gmail.com पर भी संपर्क कर सकते हैं।

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