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रासायनिक खेती छोड़ जैविक खेती अपनाएं, यही भविष्य की खेती: मंत्री जायसवाल

रायपुर। जैविक खेती मिशन योजना के अंतर्गत “खेत बचाओ अभियान” के तहत मनेंद्रगढ़ में एक दिवसीय जिला स्तरीय जागरूकता एवं कृषक सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले भर से लगभग 300 किसानों ने भाग लेकर जैविक एवं प्राकृतिक खेती, उन्नत कृषि तकनीकों और मृदा संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल रहे। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति लगातार घट रही है, जिसका असर फसलों की गुणवत्ता और लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है।

उन्होंने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उनके अनुसार जैविक खेती आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आर्थिक समृद्धि का आधार है।

उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी और विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने तथा टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। किसानों से इन योजनाओं का लाभ उठाते हुए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ खेती करने का आग्रह किया गया।

कार्यक्रम में उद्यानिकी महाविद्यालय चिरमिरी के वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत फसल प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा उत्पादन बढ़ाने के प्रभावी उपायों की जानकारी दी। साथ ही बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप कृषि पद्धतियां अपनाने की सलाह भी दी गई।

कृषक सम्मेलन का उद्देश्य किसानों को रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने स्वस्थ मिट्टी, बेहतर फसल उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण के लिए जैविक खेती अपनाने का संकल्प लिया। यह आयोजन कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

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