छत्तीसगढ़ के चिकित्सकों ने स्वास्थ्य विभाग की अधिसूचना वापस लेने की मांग उठाई
healthbhaskar.com रायपुर 17/06/2026 । छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन , जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ एवं जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन रायपुर ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा 11 जून 2026 को जारी अधिसूचना पर गंभीर आपत्ति जताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।
चिकित्सक संगठनों का कहना है कि यह अधिसूचना छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल की वैधानिक एवं नियामक शक्तियों को कमजोर कर सकती है, जिससे चिकित्सा व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका है।
संगठनों के अनुसार, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम 2019 के तहत राष्ट्रीय चिकित्सा रजिस्टर (NMR) और राज्य चिकित्सा परिषदों की भूमिकाएं एक-दूसरे की पूरक हैं। केवल राष्ट्रीय स्तर पर पंजीकरण होने से राज्य चिकित्सा परिषद की नियामक और अनुशासनात्मक शक्तियां समाप्त नहीं होतीं। राज्य में कार्यरत प्रत्येक चिकित्सक की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
चिकित्सक संगठनों ने आशंका व्यक्त की है कि यदि बिना राज्य मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण के चिकित्सकीय कार्य की अनुमति दी जाती है, तो इससे चिकित्सकीय निगरानी, शिकायत निवारण व्यवस्था, अनुशासनात्मक कार्रवाई और मरीजों की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
CGDF, JDA छत्तीसगढ़ और JDA रायपुर ने स्वास्थ्य मंत्री एवं राज्य शासन से मांग की है कि अधिसूचना का पुनर्विचार करते हुए इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए तथा छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल की वैधानिक शक्तियों और मरीजों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई, तो वे लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आगे की रणनीति तय करेंगे।
