एम्स रायपुर के डॉक्टरों ने बचाई युवक की जान, 13 घंटे चली जटिल हार्ट सर्जरी सफल
healthbhaskar.com रायपुर, 12 जून 2026 । एम्स रायपुर के डॉक्टरों की सतर्कता, त्वरित जांच और समय पर सर्जरी से सरगुजा जिले के 38 वर्षीय युवक की जान बचा ली गई। युवक को सीने में तेज दर्द, बेचैनी और असहजता की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था, जहां जांच में उसे एक दुर्लभ और बेहद खतरनाक हृदय रोग ‘एक्यूट स्टैनफोर्ड टाइप-ए एओर्टिक डिसेक्शन’ से पीड़ित पाया गया।
डॉक्टरों के अनुसार इस बीमारी में शरीर की सबसे बड़ी रक्तवाहिनी एओर्टा की अंदरूनी परत फट जाती है, जिससे कुछ ही घंटों में जान जाने का खतरा रहता है। कार्डियोलॉजी ओपीडी में प्रारंभिक जांच और इकोकार्डियोग्राफी के दौरान बीमारी का संदेह हुआ, जिसके बाद तत्काल सीटी एओर्टोग्राम कराया गया। जांच में बीमारी की पुष्टि होते ही करीब 90 मिनट के भीतर मरीज को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया।
डॉक्टरों की टीम ने लगभग 13 घंटे तक चली जटिल इमरजेंसी सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। ऑपरेशन के दौरान एओर्टा के क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाकर उसकी जगह आर्टिफिशियल ग्राफ्ट लगाया गया तथा एओर्टिक वाल्व का भी सफल प्रत्यारोपण किया गया।
सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति लगातार बेहतर होती गई। 24 घंटे के भीतर उसे वेंटिलेटर से हटा दिया गया और छह दिनों तक कार्डियक आईसीयू में विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया। स्वास्थ्य में सुधार होने पर उसे सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया गया। इलाज के दसवें दिन मरीज को पूरी तरह स्वस्थ और स्थिर अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
डॉक्टरों ने बताया कि समय पर बीमारी की पहचान, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित सर्जरी के कारण मरीज की जान बचाई जा सकी। यह सफलता एम्स रायपुर की उन्नत चिकित्सा सेवाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
